औरैया/अयाना/अजीतमल। चंबल नदी में पानी का स्तर बढ़ने से यमुना का जलस्तर भी बढ़ रहा है। प्रति घंटा हो रही 20-25 सेमी की वृद्धि से मंगलवार शाम छह बजे तक पानी 107.75 मीटर पर पानी ने आमद दर्ज करा दी है। जल स्तर बढ़ने के कारण कई किसानों की फसल भी जलमग्न हो गईं हैं। उधर पानी बढ़ने की सूचना पर एसडीएम अजीतमल ने बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली।
यमुना नदी में 24 घंटे में तीन मीटर से अधिक बढ़े पानी को लेकर नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंताएं बढने लगी हैं। सोमवार को जहां जल का स्तर 103 मीटर से कुछ ज्यादा था लेकिन मंगलवार को 107.75 मीटर पहुंच गया। नदी में पानी बढने के कारण लोगों के मन में 2019 जैसे हालात होने की आशंका बनने लगी है। उधर यमुना का जल स्तर देखने के लिए पुल पर लोगों की भीड़ जमा हो रही है। बीहड़ी क्षेत्र में खेती करने वाले किसान व लकड़ी काटकर गुजारा करने वाले लोगों के सामने एक बार फिर से गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
अजीतमल क्षेत्र में यमुना के किनारे बसे गांव बड़ेरा, सिकरोड़ी, गौहानीकलॉ, जाजपुर, फरहा, असेवा, असेवटा, महेवा, बीसलपुर आदि करीब दो दर्जन गांव के किसानों की चिंताएं बढ गई हैं। मंगलवार को बढ़े जल स्तर से गौहानी कला के किसान रामऔतार की छह बीघा, धीर सिंह की दो बीघा बाजरा की फसल पानी में डूब गई। सिकरोड़ी निवासी रज्जनलाल, शिवनंदन, मूंगलाल, छोटेलाल, अवधबिहारी, पातीराम आदि अन्य किसानों की फसलों की ओर पानी लगातार बढ़ रहा है। जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। एसडीएम अजीतमल रमापति ने यमुना किनारे बसे गांव सिकरोडी, बडेरा समेत बीसलपुर का दौरा किया तथा किसानों व ग्रामीणों को सर्तक रहने के लिये कहा है। उन्होंने बताया कि सभी लेखपालों व राजस्व निरीक्षकों की बैठक कर बाढ़ आपदा से निपटने के लिये रूपरेखा तैयार की जा रही है। सभी को अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखने को कहा गया है। साथ ही ग्रामीणों को भी सर्तक रहने के लिए कहा जा रहा है।