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Auraiya News: यमुना खतरे के निशान से ऊपर, 20 गांवों में बाढ़

Tue, 26 Aug 2025 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो-26 एयूआरपी 30 श्मशान घाट पर भरा पानी। संवाद
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अजीतमल। कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ऐसे में 20 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। कई जगह नाव चलाई जा रही हैं। प्रशासन ने पानी बढ़ने की दशा में पांच स्कूलों में कैंप खोलने की तैयारी की है।
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पिछले दो दिन से लगातार बढ़ते यमुना के जलस्तर से यमुना के किनारे बसे 20 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। मंगलवार को सुबह 10 बजे जलस्तर 114.10 मीटर रहा। जबकि खतरे का निशान 113 मीटर पर है, हालांकि शाम होते होते जलस्तर 113.96 मीटर आ चुका था।
उधर, यमुना में आई बाढ़ से गौहानी कलां का मार्ग बंद है तो सिकरोड़ी पुल से इटावा जाने वाले मार्ग पर पानी दिखाई दे रहा है। सिकरोड़ी में बना श्मशान घाट पानी में डूब गया है। इस गांव के किनारे तक पानी पहुंच गया है। ऐसे में पिछली बार आई बाढ़ की तबाही को याद कर लोग बुरी तरह परेशान हैं।
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तहसील प्रशासन ने बाढ़ क्षेत्र की चौकियों को अलर्ट जारी किया है। राहत केंद्र व राहत सामग्री की भी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। जलस्तर लगातार बढ़ने से सिकरोड़ी, गौहानी कलां, गौहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडे़रा, गूंज, ततारपुर व बबाईन आदि गांव को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
एसडीएम निखिल राजपूत तथा तहसीलदार अविनाश कुमार लगातार बाढ़ क्षेत्र पर नजर रखे हैं। उन्होंने गौहानी कलां, सिकरोड़ी, बड़ेरा, गूंज व ततारपुर आदि गांवों का दौरा कर लोगों से सतर्क रहने की बात कही। उधर, बाढ़ से घिरे गांवों में ग्रामीण पानी गांव के अंदर पहुंचने से पहले ही पलायन करने की तैयारी में है। एसडीएम ने बताया कि जलस्तर कम होने से कुुछ राहत मिलने की उम्मीद है। फिर भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
संभावित बाढ़ से निपटने तथा बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पांच स्कूल भवन चिह्रित किए गए हैं। इसके लिए प्राथमिक विद्यालय हनूमानगढ़ी, बड़ेरा, शाला, छोटी गूंज व प्राथमिक विद्यालय बीझलपुर को तैयार किया गया है। बड़ेरा, गौहानी कलां, नलखतपुर, ततारपुर कलां, सड़रापुर, सिकरोड़ी, बंसियापुर, असेवटा, फरिहा, सिखरना, मिश्रपुर मानिकपुर, गौहानी खुर्द, बबाईन, असेवा, जुहीखा, बीझलपुर, बरदौली, भूरेपुर कलां व मुस्तकिल आदि 20 गांव बाढ़ से जूझ रहे हैं।

बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित गांव
बड़ेरा, सिकरोड़ी, गौहानी खुर्द, असेवा, जुहीखा, गूंज, बरदौली, बीझलपुर, फरिहा, गौहानी कलां और जाजपुर।
तहसील में बनीं बाढ़ चौकियां

अमावता इंटर काॅलेज, प्राथमिक विद्यालय बड़ेरा, प्राथमिक विद्यालय बबाईन, प्राथमिक विद्यालय बीझलपुर व प्राथमिक विद्यालय हनूमान गढ़ी को चौकी बनाया गया है।
राहत केंद्र जाएंगे

ग्राम सिकरोड़ी के पूर्व प्रधान शिववीर सिंह ने बताया कि गांव के किनारे तक पानी आया है। अगर पानी गांव में प्रवेश करता है, तो प्राथमिक विद्यालय हनुमान गढ़ी पर बने राहत केंद्र पर ग्रामीणों को पहुंचाया जाएगा।
परिवार दहशत में रहता

छुन्ना ने बताया कि हर वर्ष बरसात आते ही पूरा परिवार दहशत में रहता है। यहां कब बाढ़ आ जाए कहा नहीं जा सकता। इससे पूरा परिवार व जरूरी सामान लेकर ऊंचे स्थान पर पहुंच जाते हैं।
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फिर बेघर हो जाएंगे
रामनरेश ने बताया कि पिछले दिनों आई बाढ़ से अभी परिवार पूरी तरह से दहशत मुक्त नही हो पाया था। अब दोबारा बाढ़ आने से फिर बेघर होकर भागना पड़ेगा।
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