कैग की रिपोर्ट ने सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर पहले भी सवाल उठाए हैं।
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शहर में घरेलू बिजली बिलों में करोड़ों रुपये के घोटाले में एक्सईएन की लापरवाही के चलते उनका ट्रांसफर कर दिया गया है। फौरी कार्रवाई के बाद उच्चाधिकारियों ने उन पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस मामले में अमर उजाला ने नवंबर 2015 से लगातार अभियान को गति दी। महीनों बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होने की उम्मीद दिखाई दी है।
घरेलू बिजली बिलों में विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता से करोड़ों रुपये के घोटाले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। बता दें कि अमर उजाला की ओर से चलाए गए अभियान में अधिकारियों ने खुद को बचाने के चक्कर में प्राइवेट मीटर रीडरों को नौकरी से निष्कासित करवा दिया। जबकि मामले में संलिप्त अधिकारी अभी तक मौज मार रहे थे। इस मामले में चीफ इंजीनियर की ओर से संलिप्त अधिकारियों को बचाने के प्रयास में मंडलीय जांच टीम की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट को एमडी कार्यालय पहुंचाने में जानबूझकर अनदेखी की जा रही थी।
अमर उजाला ने खबर प्रकाशित कर जांच रिपोर्ट को एमडी के संज्ञान में लाते हुए उसको तलब करवाया। जिस पर अब जाकर कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। इसमें प्रथम दृष्टया एक्सईएन पंकज शर्मा का स्थानांतरण कर दिया गया है। वहीं अब जल्द ही बड़ी कार्रवाई के भी आसार दिखाई दे रहे हैं।
बिजली बिल घोटाले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई को फाइल तैयार हो गई है। एमडी साहब के बाहर होने के चलते हस्ताक्षर नहीं हो सके हैं। फौरी तौर पर एक्सईएन का स्थानांतरण कर दिया गया है। एक-दो दिन में बड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
अखिल श्रीवास्तव, चीफ इंजीनियर, एडमिनिस्ट्रेशन
दक्षिणांचल विद्युत वितरण खंड, आगरा