बिजली विभाग में साल 2016 में बिलों में हुए लाखों रुपये के भ्रष्टाचार के मामले में ऑडिट कर रही टीम को अधिकारियों द्वारा की गई गड़बड़ी के पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं।
इसमें तत्कालीन एक्सईएन से लेकर दो एसडीओ की संलिप्तता उजागर हुई है। हालांकि अभी जांच जारी है। ऐसे में टीम के हाथ बड़े मामले लगने की उम्मीद है।
साल 2016 में अमर उजाला ने मुहिम चलाकर बिजली विभाग में लाखों रुपये का बिलों में किया गया हेरफेर का मामला उजागर किया था। इस मामले में जिले में आई ऑडिट टीम दस्तावेजों को खंगालने में लगी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक दो दिन चली जांच में ऑडिट टीम के अधिकारियों के हाथ काफी पुख्ता सबूत लगे हैं।
इसमें तत्कालीन दो एसडीओ व एक्सईएन द्वारा बिना बिलिंग लिपिक की मदद से खुद ही बिलों में हेरफेर कर लाखों रुपये के वारे न्यारे किए गए हैं।
सूत्रों की माने तो 2015 के सितंबर व अक्तूबर के दस्तावेजों की जांच में तत्कालीन एक्सईएन पंकज शर्मा द्वारा आठ सौ से अधिक, तत्कालीन एसडीओ गजेंद्र सिंह द्वारा पांच सौ के लगभग व तत्कालीन एसडीओ अरविंद द्वारा 20 मामलों में खुद ही धनराशि कम किए जाने का तथ्य सामने आया है।
इसके साथ ही टीम अभी और दस्तावेजों को खंगालने में लगी हुई है। इससे विभाग को हुए लाखों रुपये राजस्व के नुकसान के साथ ही अधिकारियों की हेरफेर करने की हकीकत का पर्दाफाश हो सकेगा।