बच्चे को संभालतीं उज्जैन की डा. दुर्गा।
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सूरत से मुजफ्फरपुर जा रही सूरत एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रही मुस्लिम महिला प्रसव पीड़ा से छटपटाने लगी। इटावा स्टेशन के बाद गर्भवती को असहनीय दर्द से तड़पता देख कोच के यात्रियों ने रेलवे को ट्वीट किया। ट्वीट के बाद रेलवे ने कंट्रोलर को सूचना देकर ट्रेन को कंचौसी स्टेशन पर रुकवा दिया। कंचौसी स्टेशन प्रशासन ने जिला अस्पताल को सूचना दी। इसके बाद भी चिकित्सकों की टीम नहीं पहुंची। बाद में ट्रेन के एसी कोच में यात्रा कर रहे उज्जैन के डाक्टर दंपति ने प्रसव कराया।
सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस में मुजफ्फरपुर जिले के बस्तरपुर में रहने वाली सफीना परवीन पति मोहम्मद निजाम के साथ जनरल कोच में यात्रा कर रही थीं। यह सूरत से मुजफ्फरपुर जा रही थीं। यात्रा के दौरान सफीना परवीन को प्रसव पीड़ा होने लगी। इटावा स्टेशन निकलते ही यह असहनीय दर्द से तड़पने लगीं। सफीना की चीखें सुनकर कोच में यात्रा कर रहे नवयुवकों ने मोबाइल से रेलवे मंत्रालय को ट्वीट कर दिया। रेलवे मंत्रालय ने ट्वीट पर एक्शन लेते हुए कंट्रोलर को ट्रेन रोक कर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कंट्रोलर की सूचना पर ट्रेन को कंचौसी स्टेशन पर रोका गया।
स्टेशन अधीक्षक आरआर मीणा ने जिला अस्पताल को सूचना दी। देर तक कोई टीम स्टेशन पर नहीं पहुंची। इसी ट्रेन में उज्जैन की डा. दुर्गा व डा. अवनीश कानपुर में रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में भाग लेने जा रहे थे। इन्होंने जनरल कोच में जाकर दवाई दी। कोच में बैठीं महिलाओं ने साड़ी का पर्दा बनाया। सफीना ने शिशु को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। करीब दो घंटे तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही। इस दौरान कस्बे के डा. दिनेश तिवारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की भीड़ भी जुट गई। जिला अस्पताल की एंबुलेंस प्रसव के बाद पहुुंची। एंबुलेंस से महिला को दिबियापुर सीएचसी ले जाया गया। इसके बाद ट्रेन रवाना हुई। स्टेशन अधीक्षक ने डाक्टर दंपति का आभार जताया है।