ऐरवाकटरा। थाना क्षेत्र के पटना गांव कानपुर देहात जैसा मामला होते-होते बचा। जहां प्रशासन के आदेश पर वादी को कब्जा दिलाने पहुंची चकबंदी टीम के सामने विपक्षी महिला ने अपने ऊपर पेट्रोल डालने का प्रयास किया। यह देख मौजूद चकबंदी व पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। महिला पुलिस कर्मचारियों ने बोतल छीनकर फेंक दी। तभी किसी ने विवादित जमीन पर रखी झोपड़ी में आग लगा दी। मामला तूल पकड़ते देख चकबंदी टीम के अधिकारियों ने मौके से चले आए।
गुरुवार को दोपहर चकबंदी सीओ हेमचंद्र, चकबंदी एसीओ शैलेश यादव पुलिस व चकबंदी टीम के साथ पटना गांव पहुंचे। जहां अपर जिलाधिकारी कोर्ट से हुए आदेश पर टीम ने वादी शिशुपाल को जमीन पर कब्जा दिलाने का प्रयास किया। तभी विपक्षी राजबहादुर के परिवार की कुछ महिलाएं मौके पर पहुंची। जहां चकबंदी अधिकारियों से खेत पर मक्का की फसल खड़ी होने तथा मामला हाईकोर्ट में होने की बात कहकर पैमाइश व कब्जा न हटाने की जिद पर अड़ गईं। नापजोख में बाधा डाल रही महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने ले जाने के निर्देश दिए।
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पुलिस जैसे ही महिलाओं को पकड़ने के लिए आगे बढ़ी, वहां मौजूद राजबहादुर की पुत्रवधू किरन ने पेट्रोल अपने ऊपर डालने का प्रयास किया। मौजूद महिला पुलिस कर्मचारियों ने फुर्ती दिखाते हुए बोतल महिला से छीन ली। पुलिस व विपक्षी महिलाओं के बीच विवाद चल रहा था। तभी किसी ने विपक्षी महिला के कब्जे के खेत में रखी झोपड़ी में आग लगा दी। यह देख मौजूद चकबंदी अधिकारी घबरा गए और बिना नापजोख कराए अपनी-अपनी गाड़ियों से वहां से खिसक गए। उधर ग्रामीणों ने आग को बुझाया।
घटना के बाद लगाए गए आरोप
राजबहादुर की पुत्रवधू प्रीती व किरन ने आरोप लगाया कि गाटा संख्या 548 जिसका करीब 30 वर्ष पूर्व उसके पूर्वजों ने बैनामा कराया था। जिसमें आम, जामुन, बेल सहित अन्य पेड़ खड़े हैं तथा उसी चक में बोरिंग भी है, लेकिन चकबंदी विभाग के अधिकारियों द्वारा न ही पेड़ों और बोरिंग की कीमत लगाई और न ही राजबहादुर और उर्मिला देवी को मूलजोत से हटाने से पूर्व कोई नोटिस दिया गया। यही नहीं सहमति पत्र भी नहीं भरवाया गया। आरोप है कि विपक्षी का करीब ढाई किलोमीटर दूर से एक उड़ान चक लाकर उसके खेत में चक बना दिया। जोकि नियम विरुद्ध है।
यह प्रकरण कोर्ट से निस्तारित किया गया है। जिसमें सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष व उनके अधिवक्ताओं की ओर से साक्ष्यों के आधार पर की गई बहस के बाद हुआ है। चकबंदी व पुलिस टीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने पहुंची थी। जहां विपक्षियों की ओर से कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने देने में व्यवधान उत्पन्न किया गया। इस मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। जांचोपरांत दोषी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी, वित्त, औरैया।