औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र में 29 नवंबर को छात्रा के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म मामले में लापरवाही बरतने पर महिला थाना प्रभारी नीलम पांडेय को एसपी सुनिति ने निलंबित कर दिया है। पीड़ित छात्रा ने तीन बार तहरीर दी, फिर भी रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई, न ही उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। इधर, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में लग गई है।
पीड़ित छात्रा का कहना है कि 29 नबंवर को वह तिलक नगर में कोचिंग पढ़ने गई थी। उसी दौरान जमालीपुर गांव के फौजी अंकित ने भाई अर्पित व दो साथियों संग मिलकर उसको कार से अगवा कर लिया था। छात्रा का आरोप है कि इन सबने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद छात्रा महिला थाने गई तो उसकी गुहार नहीं सुनी गई। इस पर वह एसपी सुनीति से मिली। एसपी ने मामले में लापरवाही की जांच एएसपी कमलेश दीक्षित को सौंपी थी। छात्रा की रिपोर्ट भी कोतवाली में 7 दिसंबर को दर्ज कर ली गई।
एएसपी कमलेश दीक्षित ने जांच में पाया कि पीड़ित छात्रा की तरफ से 29 और 30 नवंबर के बाद एक दिसंबर को महिला थाना प्रभारी को तहरीर दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस रिपोर्ट पर एसपी ने मंगलवार को नीलम पांडेय को निलंबित कर दिया। एसपी ने बताया कि समय पर रिपोर्ट दर्ज कर ली जाती, तो आरोपी सलाखों के पीछे होते। इधर, पुलिस मामले में फरार फौजी अंकित, उसके भाई व साथियों को दबोचने के लिए हर संभावित स्थान पर दबिशें दे रही है। हालांकि इलाहाबाद गई पुलिस टीम खाली हाथ लौट आई है।
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पीड़ित छात्रा ने दिए मजिस्ट्रेट के सामने बयान
औरैया। सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित छात्रा को पुलिस ने मंगलवार को सीजेएम अर्चना तिवारी के सामने प्रस्तुत किया। वहां मजिस्ट्रेट को दिए बयान में पीड़ित छात्रा ने अंकित पर दुष्कर्म और उसके साथियों पर सहयोग करने का आरोप लगाया है। यह बात थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे ने बताई है।
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