औरैया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने अछल्दा थाना क्षेत्र के चार साल पुराने दहेज हत्या के मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद सबूतों के अभाव में पति व सास को बरी कर दिया। वहीं गवाहों के मुकरने पर कोर्ट ने वादी के खिलाफ वाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
कानपुर देहात के थाना देवराहट क्षेत्र के गांव ब्रह्मरौली निवासी कैलाश ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि बेटी संध्या की शादी चार दिसंबर 2021 अछल्दा थाना क्षेत्र के गांव तहराजपुर निवासी वीरू उर्फ छोटू के साथ की थी। आरोप था कि विवाह के बाद से ही दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया। 23 नवंबर 2022 को उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि, अदालत में सुनवाई के दौरान वादी मुकदमा कैलाश, मृतका के भाई नागेन्द्र कुमार, बहन प्रियंका और अन्य मुख्य गवाह अपने बयानों से मुकर गए और उन्होंने ससुराल पक्ष को निर्दोष बताया।
गवाहों के पक्षद्रोही होने और दहेज की मांग व क्रूरता के आरोपों को साबित करने में अभियोजन के असफल रहने पर अदालत ने यह फैसला सुनाया। वहीं, सत्र न्यायाधीश ने वादी मुकदमा कैलाश के खिलाफ वाद दर्ज करने के आदेश दिए। पर्याप्त साक्ष्य और सबूतों के अभाव में जेल में बंद आरोपी पति वीरू उर्फ छोटू को रिहा करने और जमानत पर चल रही सास मनोरमा देवी के बंधपत्र समाप्त करने के आदेश दिए।