शहर के मुख्य मार्गों पर स्थित आरा मशीन संचालक अतिक्रमण की समस्या दूर करने को एसडीएम सदर से मिले। व्यापारियों ने एसडीएम से मशीनों को निजी जगह पर स्थानांतरित कराए जाने में वन विभाग की ओर से अनुमति दिलाने की मांग की। जिस पर एसडीएम ने व्यापारियों को डीएम को प्रस्ताव बनाकर वन विभाग से अनुमति दिलाने का आश्वासन दिया।
सोमवार को डीएम व एसपी द्वारा आरा मशीनों पर छापा मारकर सरकारी जगह पर अतिक्रमण कर उसका दुरुपयोग करने व निर्धारित लोड से अधिक बिजली की खपत करने के मामले में आरा मशीनों की जांच कराए जाने के निर्देश दिए थे। इस बावत मंगलवार को लकड़ी व्यापारी व व्यापार मंडल श्याम बिहारी मिश्रा गुट के नेताओं ने एसडीएम सदर जितेंद्र श्रीवास्तव से मुलाकात की।
इस मौके पर व्यापारियों ने अपनी समस्या रखते हुए कहा कि मुख्य मार्ग पर आरा मशीन स्थित होने के कारण और उनके पास जगह का अभाव होने के चलते लकड़ी के गट्ठे सड़क पर रखना मजबूरी है। हालांकि व्यापारियों ने इस बात को भी स्वीकार किया कि इससे अतिक्रमण की समस्या उत्पन्न होती है।
व्यापारियों ने एसडीएम से बात रखते हुए कहा कि शहर के बाहर उनकी निजी जगह है। जिस पर वह अपनी आरा मशीन स्थानांतरित करना चाहते हैं लेकिन फारेस्ट विभाग के नियमों के तहत ऐसा संभव नहीं है। जिसके चलते सभी आरा मशीन संचालक परेशान हैं।
आरा मशीन संचालकों ने कहा कि अगर जिला प्रशासन फारेस्ट विभाग से आरा मशीन निजी जगह पर स्थानांतरित करने की अनुमति दिला दे तो इसके लिए वह सहर्ष तैयार हैं। इससे मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण की समस्या हल हो जाएगी। इस पर एसडीएम जितेंद्र श्रीवास्तव ने व्यापारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि वह उनके इस प्रस्ताव को डीएम के सामने रखकर फारेस्ट विभाग से अनुमति दिलाने में पूरी मदद करेंगे।
इस मौके पर लकड़ी व्यवसाईयों ने एसडीएम के समक्ष वर्तमान आरा मशीन की काबिज जगह के कागजात भी प्रस्तुत किए। इस मौके पर लकड़ी व्यापारी छुन्नू पाठक, राम कुमार विश्नोई्र शशिकांत दुबे के अलावा व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष राजेश बाजपेई, श्रीराम पुरवार, अमर विश्नोई, सतीश वर्मा, उमेश वर्मा, भानू राजपूत, झल्लू, अनुपम गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।