फोटो 19एयूआरपी31- ब्लाक स्थित कृषि इकाई कार्यालय के बाहर अलाव तापते कर्मचारी फोटो 19एयूआरपी35- गुरुवा
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औरैया। सर्द हवाओं और तापमान लुढ़कने से हाड़ कांपने लगे हैं। सुबह से रात्रि तक कोहरे की चादर से गांव और शहर ढका रहा। गुरुवार को तापमान लुढ़क कर छह डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव जलाए जा रहे हैं। कोहरे के चलते दोपहर में कुछ समय से लिए सूर्यदेव दिखाई दिए और नाम मात्र के लिए ही धूप निकली, लेकिन शाम होते ही एक बार फिर सर्दी का सितम शुरू हो गया और सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसर गया।
आसमान में छाए घने बादलों के चलते तापमान में लगातार गिरावट होती जा रही है। बुधवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रहा था। गुरुवार को तापमान दो डिग्री लुढ़क कर छह डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज दर्ज किया गया। नौ-नौ किलो मीटर प्रति घंटे के रफ्तार से हवा चली। जबकि आर्द्रता 47 दर्ज की गई। सुबह से ही हाड़कंपाऊ देने वाली सर्दी से लोग बेहाल दिखे। सबसे ज्यादा दिक्कत गरीबों को हो रही है। लोग इधर-उधर ठिठुरते दिखाई दिए। रोडवेज बस स्टैंड समेत सार्वजनिक स्थलों पर लोग ठंड में सिकुड़ते दिखे। घूमंतु लोगों के बच्चों को बुरा हाल है। बाजार में दुकानों पर ग्राहकों की संख्या भी काफी कम रही। सुबह 11 बजे तक दुकानें खुल सकीं। जबकि शाम छह बजे तक दुकानों के शटर नीचे होने लगे। सड़कों पर सन्नाटा सा पसर गया। सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी परिसर में ही अलाव जलाकर तापते हुए दिखाई दिए। सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों के ऑफिसों में रूम हीटर लगाकर काम करते दिखे।
कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के मौसम वैज्ञानिक डॉ.संदीप कुमार सिंह ने बताया कि रबी की सभी फसलों के लिए फिलहाल मौसम उपयुक्त है। जिससे फसल की परिपक्कता अपने निर्धारित समय पर होने से फसलों के उत्पादन बढ़ने की संभावना है। देर से गेहूं की बुवाई करने वालों के लिए थोड़ी परेशानी जरूर हो सकती है।
जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह ने शीत लहर बढ़ने के साथ ही कंबल वितरण अभियान तेज कर दिया है। गुरुवार को सुबह सत्तेश्वर स्थित अपने कार्यालय पर आने वाले फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान सर्दी में पर्याप्त गर्म वस्त्र न होने पर एक दर्जन से ज्यादा वृद्ध महिलाएं, रिक्शा चालक, दिव्यांगों को कंबल वितरित किए।