औरैया। सर्दी की दस्तक हो गई है, न्यूनतम तापमान काफी गिर गया है। इस सब के बीच बेसिक के स्कूलों में बच्चे बिना स्वेटर व जूते के ही स्कूल जा रहे हैं। बच्चों के आधार सत्यापन न होने की वजह से उनके अभिभावकों के खाते में यूनीफॉर्म, बस्ता व जूते खरीद की धनराशि नहीं पहुंच सकी है। शासन स्तर से दी जारी वाली धनराशि कागजों में ही उलझी हुई है। ऐसे में बच्चों के बीमार होने की भी संभावना है।
जिले के 1265 परिषदीय स्कूलों में 95,658 छात्र पंजीकृत हैं। इन छात्रों को यूनिफॉर्म, बस्ता व जूते के लिए 1200 रुपये शासन की ओर दिए जाते हैं। आधार सत्यापन करा चुके बच्चों के अभिभावकों के खाते में सितंबर में यह धनराशि भेज दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम ऐसे छात्र हैं, जिनका आधार या तो अभी बना नहीं या उनके आधार में गलतियां हैं। इसी के चलते छात्रों को आधार सत्यापन नहीं हो पाया है। जिले में 15,106 छात्र ऐसे हैं, जिनके आधार का सत्यापन नहीं हो पाया। इसके चलते इन बच्चों को शासन की मदद नहीं मिल सकी है। हालांकि विभाग का दावा है कि प्रत्यके जिले से आधार सत्यापन में उलझे छात्रों का विवरण शासन स्तर से मांगा गया है। शासन ने आधार सत्यापन की अनिवार्यता समाप्त करने का निर्णय लिया है। बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि ड्रेस की धनराशि से वंचित बच्चों का ब्योरा शासन में भेज दिया गया है। आधार सत्यापन की अनिवार्यता खत्म हो गई है। जल्द ही बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में धनराशि पहुंच जाएगी।