अभी तक रेफरल केंद्रों की छवि बना चुकी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा महकमे में वर्ष 2015 अच्छे दिन लेकर आएगा। नए साल में इमरजेंसी चिकित्सा के मामले में दूसरे जनपदों पर आत्मनिर्भर औरैया का अपना जिला अस्पताल होगा। मोर्चरी भी अने वाले साल से शुरू हो जाएगी। इसके अलावा जिला अस्पताल परिसर में बर्न यूनिट, प्लास्टिक सर्जरी यूनिट, ट्रामा यूनिटों के कार्य करने से एक कैंपस में गंभीर रोगों का उपचार किया जाना संभव हो सकेगा। नया साल अछल्दा और दिबियापुर क्षेत्र सहित सैकड़ों गांव के लोगों के लिए सहूलियत लेकर आना वाला है। इनमें सीएचसी दिबियापुर से 50 शैया तो सीएचसी अछल्दा से 30 शैया का मैटरनिटी विंग कार्य करना शुरू करेगा। खास बात यह कि अब तक जिला अस्पताल का दर्जा प्राप्त सीएचसी औरैया कैंपस में संचालित हो रहा सीएमओ कार्यालय ग्राम समाधान में नवनिर्मित अपने कार्यालय से कार्य करेगा। यही नहीं रोगियों के उपचार के लिए आवश्यक दवाओं के रखरखाव के लिए इसी गांव में बनाए गए ड्रग वेयर हाउस भी इसी वर्ष कार्य करना शुरू कर देगा। जिला अस्पताल के अलावा क्षेत्रीय लोगों के प्राथमिक उपचार एवं महिलाओं एवं शिशुओं के टीकाकरण की सहूलियत के लिए ग्राम कल्यानपुर, साफर और कैंजरी में निर्माणाधीन स्वास्थ्य उपकेंद्र भी कार्य करना शुरू कर देंगे। इसी तरह नए साल में जिले के दूसरे किनारे पर स्थित ग्राम लहरापुर में निर्मार्णाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से भी लगभग एक सौ अधिक गांव के लोगों को मिलना सुलभ होगा।
इन नवीन परियोजनाओं को लगेंगे पंख
* जिला अस्पताल कैंपस में 100 शैया मैटरनिटी विंग
* जिला अस्पताल में टीबी क्लीनिक की स्थापना
* कस्बा बेला में सीएचसी का निर्माण
* अछल्दा के ग्राम बघुआ में पीएचसी का निर्माण
* अल्छदा में एएनएम टीसी सेंटर की स्थापना
* सुपर स्पेशलिटी ट्रामा सेंटर के भूमि विवाद का पेंच
इनसेट
वाकई में आने वाला साल औरैया जनपद के लिए उन्नति के अनेकों आयाम लेकर आन वाला है। वर्ष 2015 स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में आत्म निर्भरता लेकर आए, विभाग का यही प्रयास है।
डा. नरेंद्र कुमार सिंह यादव
मुख्य चिकित्साधिकारी, औरैया