अप्रैल माह में विकट गर्मी से ओवरलोड ट्रांसफार्मर आग उगल रहे हैं। ऐसी स्थिति में बिजली केंद्रों पर आग लगने से सुरक्षा के इंतजामों की बुधवार को अमर उजाला ने पड़ताल की। शहर के केंद्र को छोड़कर बाकी दो केंद्रों पर आग से सुरक्षा के इंतजाम नदारद मिले। अगर कुछ मिला तो खाली फायर स्ट्रिंग्यूसर और टूटे स्टैंड पर जर्जर लटकतीं बालू की बाल्टियां। आग लगने पर इनके बूते बचाव मुश्किल है। ऐसे में बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। पांच दिन पहले गर्मी व ओवरलोड से शहर के एक नंबर केंद्र पर लगे दस एमवीए के ट्रांसफार्मर की अर्थिंग जलने से उठी लपटों पर फायर कर्मियों ने काबू पाया था। इस घटना से भी बिजली विभाग ने कोई सबक नहीं लिया।
सीन 1
स्थान - शहर का एक नंबर बिजली केंद्र
अमर उजाला की पड़ताल के दौरान शहर के एक नंबर बिजली केंद्र पर मौजूद फायर उपकरणों की जानकारी की तो यह नदारद मिले। इस केंद्र पर 10-10 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर रखे हैं। सूत्रों के मुताबिक केंद्र पर रखा फायर स्ट्रिंग्यूसर शोपीस है। इसे तीन सालों से रिफिल नहीं कराया गया है। फायर स्टैंड व बालू की बाल्टियां भी नहीं दिखीं।
सीन - 2
स्थान - आनेपुर बिजली केंद्र
शहर से सटे गांव आनेपुर में दो गुणा पांच एमवीए क्षमता के इस बिजली केंद्र पर संवेदनशीलता की पोल खुल गई। स्विच यार्ड परिसर में लगे पांच-पांच एमवीए के दोनों ट्रांसफार्मरों को ठंडा करने के लिए लगाए जाने वाले कूलर यहां नहीं थे। फायर से बचाव के नाम पर सालों पुराने टूटे स्टैंड पर आर-पार दिखने वाली टूटी और जर्जर बाल्टियां मुंह चिढ़ा रही थीं। केंद्र के अंदर सालों से रखे खाली फायर स्ट्रिंग्यूसरों पर मकड़ी का जाला चढ़ा हुआ था। केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि चार सालों से वह खुद ही इन्हें ऐसे ही देख रहे हैं।
सीन - 3
स्थान - कखावतू बिजली केंद्र
शहर से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित कखावतू बिजली केंद्र पर भी बिजली अधिकारियों की लापरवाही मिली। केंद्र पर लगे ट्रांसफार्मरों को ठंडा करने के लिए कोई इंतजाम नहीं थे। फायर के नाम पर इस केंद्र पर सब कुछ गायब मिला। केंद्र पर मौजूद एसएसओ विवेक ने बताया कि कई बार संबंधित जेई को लिखित व मौखिक रूप से ओवरहीट हो रहे ट्रांसफार्मरों को ठंडा करने के लिए कूलर लगवाए जाने के लिए कहा जा चुका है। कोई सुनवाई नहीं हुई। दिन में 42-45 डिग्री तक तापमान हो जाता है। ऐसे में आग लगने का खतरा बना रहता है।
सभी बिजली केंद्रों पर ट्रांसफार्मराें को ठंडा करने के लिए व आग से बचाव के साधन जुटाने के लिए लिखित रूप से एक्सईएन को जानकारी दी जा चुकी है। इस बारे में वही जवाब दे सकते हैं।
अरविंद कुमार सिंह, एसडीओ, सदर
केंद्रों पर आग से बचाव के उपकरण लगाया जाना जरूरी है। इन्हीं दिनों फायर स्ट्रिंग्यूसर रिफिल करवाए जाते हैं। जल्द ही इसकी व्यवस्था होगी।
पंकज शर्मा,एक्सईएन