फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांगलिक कार्यों के लिए 52 दिन करना होगा इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। आज यानी बुधवार के बाद 52 दिनों तक मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। ऐसा 23 फरवरी से गुरु के अस्त होने और फिर खरमास लगने के कारण होगा। 17 अप्रैल से शुभ कार्य फिर से शुरू होंगे। आठ जुलाई तक कुल 40 दिन शुभ मुहूर्त रहेंगे।
विज्ञापन

ज्योतिषाचार्य पंडित करूणेश शुक्ला के अनुसार, देव गुरु बृहस्पति 23 फरवरी से 20 मार्च तक अस्त रहेंगे। इस बीच 10 मार्च से 18 मार्च तक होलाष्टक रहेगा। इसके बाद खरमास लगने से 14 मार्च से 14 अप्रैल तक शुभ कार्य नहीं होंगे।
17 अप्रैल से शुभ कार्य फिर से हो सकेंगे। इस दिन से आठ जुलाई के बीच विवाह के शुभ योग हैं। अप्रैल, मई, जून और जुलाई में लग्न के 40 शुभ मुहूर्त हैं। 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ ही चार माह के लिए मांगलिक कार्य फिर रुक जाएंगे। नवंबर में देवउठनी एकादशी के साथ फिर शुभ कार्य शुरू होंगे।
विज्ञापन

इन तिथियों को हैं विवाह के शुभ मुहूर्त
अप्रैल- 17, 19, 21, 22, 23, 28
मई- दो, तीन, नौ, 10, 11, 12, 13, 17,18, 20, 25, 26, 31
जून- छह, आठ, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 21, 22
जुलाई- तीन, पांच, छह, आठ
ग्रह के अस्त होने पर इसलिए वर्जित हैं शुभ कार्य
ज्योतिषियों के अनुसार, सौरमंडल में सूर्य से एक निश्चित दूरी पर जब कोई ग्रह आ जाता है तो वह ग्रह प्रभावहीन हो जाता है। अपनी आभा और शक्ति खोने लगता है, इस वजह से वह ग्रह सौरमंडल में दिखाई देना भी बंद हो जाता है। इसी को ग्रह का अस्त होना कहते हैं। विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ लग्न या मुहूर्त के लिए ग्रह तारों का बल देखा जाता है। जब गुरु या शुक्र ग्रह उदित होते हैं तो मांगलिक कार्य संपन्न किए जाते हैं। जब यह ग्रह अस्त होते हैं, तो विवाह संस्कार एवं शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें