फोटो02एयूआरपी 03 - अयाना क्षेत्र में बिछी पड़ी गेहूं की फसल। संवाद
खेतों में गिरी फसलों से किसानों के आरमान धराशायी
- खाद, बीज के लागत की अदायगी की चिंता, दस हजार हेक्टेयर फसल के नुकसान, आंकलन जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। अन्नदाताओं को आसमान से बारिश की शक्ल में उतरी आफत ने रुला दिया है। पहले बारिश फिर शुक्रवार की रात तेज हवा और बारिश से किसानों की फसलों में खासा नुकसान पहुंचा है। वहीं, ब्लॉक भाग्यनगर में ओलावृष्टि से किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। अभी आंकलन जारी है। किसानों को सालभर की गृहस्थी, खाद, बीज, लागत की अदायगी की चिंता सताने लगी है।
जिले के एक लाख एक हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। इस समय गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है। ऐसे में मौसम की बेरुखी किसानों को रुला रही है। शुक्रवार की रात्रि में तेज हवा के साथ हुई बारिश से किसानों को खासा नुकसान हुआ है। वहीं ब्लॉक भाग्यनगर में ओलावृष्टि से क्षेत्र के गांव खानपुर फफूंद, कैंजरी, जमुंहा, सींगनपुर, ऊसरारी, लखनपुर, हर्राजपुर, चमरौआ, सेहुद, न्यामतपुर, बिहारी समेत दो दर्जन से अधिक गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित हुई है।
कृषि विभाग के अनुसार शुक्रवार को हुई तेज हवा व बारिश से करीब 10 हजार हेक्टेयर की फसल गिरी है। जिसमें करीब पांच से सात फीसदी नुकसान की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन राजस्व विभाग, कृषि विभाग के कर्मचारी व बीमा कंपनी के प्रतिनिधि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर क्षति का आंकलन करने में जुट गए हैं। जिले के औरैया, अजीतमल, भाग्यनगर, अछल्दा, एरवाकटरा, बिधूना व सहार ब्लॉक के सभी गांवों में तेज हवा व बारिश से फसलें प्रभावित हुई हैं।
- छलका किसानों का दर्द
फोटो02एयूआरपी 04 - तीन बीघा में गेहूं की फसल की थी। शुक्रवार को हुई बारिश व आंधी में फसल खेतों में बिछ गई है। फसल के दाने खराब होने की संभावना है। लागत निकलना भी मुश्किल लग रहा है। - अंजू चौहान, रुरुगंज
फोटो02एयूआरपी 05 - मान सिंह
दो बीघा खुद की और तीन बीघा बटाई पर लेकर पांच बीघा जमीन पर गेहूं की खेती की। लगातार हो रही बारिश से गेहूं की फसल चौपट हो गई है। कर्जा लेकर फसल की थी। उसके पटाने के भी आसार नजर नहीं आ रहे हैं। - मान सिंह, पुरवा भारामल
बोले जिम्मेदार -
जिले में एक लाख एक हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल बोई गई है। शुक्रवार को हुई बारिश में करीब 10 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल गिरी है। जिसमें पांच से सात प्रतिशत के नुकसान की आशंका है। राजस्व विभाग, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि व कृषि विभाग की टीम सर्वे कर रही है। रिपोर्ट आने पर सही आंकलन का अंदाजा लग सकेगा। - शैलेंद्र कुमार वर्मा, उप कृषि निदेशक