औरैया महोत्सव के रंगारंग कार्यक्रमों की श्रृंखला में मंगलवार देर शाम को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में नामी गिरामी सरस्वती पुत्रों ने काव्य पाठ कर सुर सरिता बहाई।
जिले की सभी बैंक शाखाओं द्वारा प्रायोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि माध्यमिक शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष डा. अजब सिंह यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मां वीणा वादिनी की वंदना स्तुति के साथ कार्यक्रम को गति प्रदान की गई।
भर्थना (इटावा) के अशोक यादव ने- बदनाम कितना हो गया, वह आमो खास में जो शख्स तुमको दिख रह उजले लिबास में... मुक्तक के माध्यम से भ्रष्टाचार से जकड़ी राजनीति और अफसर शाही पर प्रहार किया।
साहित्यकार कुंवर जावेद ने- वह लोग साहिबे कुरान हो नहीं सकते- किसी भी धर्म की पहचान हो नहीं सकते, जो उग्रवाद को यारों जेहाद कहते हैं- वह और कुछ हैं मुसलमां नहीं हो सकते... मुक्तक के माध्यम से जेहाद के नाम पर आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त उग्रवादियों की गैरत को ललकारा।
शायर अयाज अहमद अयाज ने- करें हम सजदे जमीं पर, कहो तुम वंदे मातरम के जरिए देशभक्ति को चरमोत्कर्ष पर पहुंचाया।
टूंडला से तशरीफ लाए हास्य -व्यंग्यकार लटूरी सिंह लट्ठ ने- बेटे के पास होने की खबर सुनकर नेताजी छाती कूटने लगे, बालों को खींचने लगे और कहने लगे कि साला पहली साल में ही पास हो गया, मैं चिंतित हूं अब मेरी विरासत का क्या होगा।
वहीं गीतकार विष्णु सक्सेना ने- रेत पर नाम लिखने से क्या फायदा, एक आई लहर कुछ बचेगा नहीं की प्रस्तुति देकर पंडाल के माहौल को संजीदा कर दिया।
कानपुर के डा. कमलेश द्विवेदी ने- घड़ी बेच दी है तो समय कैसे देख पाएंगे, मैने कहा प्रिये महंगाई ने जितना खराब समय किया है, उसके बाद किसी और समय की आवश्यकता कहां... मुक्तक प्रस्तुत कर देश में गरीब व मध्यम वर्गीय लोगों को जकड़ चुकी महंगाई पर कुठाराघात किया।
कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे लखनऊ के व्यंग्यकार डा. सुनील जोगी ने- मुश्किल है अपना मेल प्रिये, यह प्यार नहीं है खेल प्रिये व्यंग्य प्रस्तुत कर महोत्सव में मौजूद लोगों को खिलखिलाने के लिए मजबूर कर दिया।
कवि सम्मेलन में अनामिका अंबर (मेरठ) ने प्रेम गीत के रस में सबको डुबकी लगाने को मजबूर किया। वहीं और ओज कवि अजय शुक्ला अंजाम ने काव्य पाठ कर देश में सांप्रदायिकता का खाका खींचा
इस मौके पर एसपी मनोज तिवारी, एडीएम इंद्रपाल उत्तम, एसडीएम जितेंद्र श्रीवास्तव, डा. राजेंद्र शुक्ला सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी श्रोता मौजूद रहे।