अजीतमल। कोटा बैराज से छोड़े गए पानी के बाद से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी खतरे का निशान पार कर 13 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
इससे तलहटी में बसे ग्रामीण दहशत में हैं। स्थिति यह है कि गौहानी कलां संपर्क मार्ग पहले से डूबा था, अब पानी औरैया-इटावा संपर्क मार्ग के किनारे तक पहुंच गया है।
गढ़ा कास्दा संपर्क मार्ग के पास भी पानी पहुंच गया है। इसके अलावा सिकरोड़ी समेत कई गांव में बाढ़ का पानी घुस रहा है। हालांकि प्रशासन बाढ़ पर नजर बनाए है। ग्रामीणों को सतर्क कर ऊंचे स्थानों पर पहुंचने की अपील की जा रही है।
पिछले चार दिनों से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक यमुना का जलस्तर हर घंटे एक सेंटीमीटर बढ़ रहा है। रविवार की सुबह यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर 113.13 मीटर पर पहुंच गया, जोकि खतरे के निशान 113 मीटर से 13 सेंटीमीटर ज्यादा रहा।
लगातार जलस्तर बढ़ने से सिकरोड़ी पुल के बाद इटावा संपर्क मार्ग के किनारे तक पानी पहुंच गया है। इससे इस मार्ग पर भी आवागमन रोक दिया गया है। गौहानी कलां मार्ग पर पहले से ही पानी बह रहा है। इससे यहां के लोगों का आवागमन नाव के द्वारा किया जा रहा है।
बाढ़ का सबसे ज्यादा खतरा सिकरोड़ी, गौहानी कलां, गौहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज ततारपुर व बबाईंन आदि गांवों में मंड़रा रहा है। इन इलाकों में लोगों ने घरेलू सामान को सुरक्षित करना शुरू कर दिया है।
गढ़ा कास्दा के खेत भी जलमग्न हो गए हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीमें रविवार को गांव सिकरोड़ी, गौहानी कलां व बड़ेरा पहुंचीं, वहां मरीजों की जांच के बाद दवाइयां दी गईं। अजीतमल एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि यमुना का जलस्तर रविवार शाम से स्थिर हो गया है। अब पानी कम होना शुरू होगा। फिलहाल लोगों को सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अंत्येष्टि स्थल डूबा, बैठकी भवन के बगल में जला रहे चिता
शहर से पांच किमी. दूर यमुना नदी किनारे शेरगढ़ घाट बाढ़ के पानी से डूब गया है। अब यहां पर अंत्येष्टि के लिए जगह की समस्या बढ़ गई है। स्थिति यह है कि रविवार को लाए गए शवों के अंतिम संस्कार के लिए साथ आए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा, क्योंकि यहां पर बने अंत्येष्टि स्थल बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। परिसर में भी पानी घुस गया है। यहां पर घाट के पहुंच मार्ग के किनारे बने भवनों से सटाकर रविवार को चिताएं जलाई गईं।
समेट रहे गृहस्थी
सिकरोड़ी गांव निवासी महिला श्रीदेवी का कहना है कि बाढ़ देखकर सभी लोग परेशान हैं। लोगों ने घर-गृहस्थी समेटना शुरू कर दिया है। बाढ़ से बहुत नुकसान हो जाता है।
सब चौपट हो जाएगा
सिकरोड़ी निवासी महिला माया देवी ने बताया कि पूर्व में आई बाढ़ का मंजर याद आ रहा है। अगर दोबारा गांव में पानी आ गया तो फिर से सब कुछ चौपट हो जाएगा।