दोनों अपने साथियों के साथ राकेश शुक्ला के समर के पास शेखर शुक्ला को रोककर लिया और गाली गलौज की। विरोध करने पर सार्थक ने जान से मारने की नियत से गोली चला दी। इस मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला फफूंद थाने में तीन नामजद के खिलाफ दर्ज किया था।
मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली की तीनों भागने की फिराक में है, इस पर सीओ अजीतमल भरत पासवान, फफूंद पुलिस व एसओजी टीम ने घेराबंदी कर सार्थक तिवारी, गोपाल अवस्थी निवासी तिवारियान थाना फफूंद, रजनीश उर्फ बाबू निवासी माखनपुर थाना फफूंद को जुआं पुल मजार के पास से गिरफ्तार किया।
पकड़े गए अभियुक्तों के पास से घटना में प्रयुक्त बाइक, दो 315 बोर के तमंचे, कारतूस बरामद हुए हैं। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एएसपी ने बताया कि घटना में शामिल आफताब निवासी कटरा मानेपुर की तलाश में दबिश दी जा रही है। उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
महिला मित्र को लेकर बने जानी दुश्मन
घटना का खुलासा होने पर पुलिस को आरोपियों ने बताया कि जिस युवती से सार्थक की दोस्ती थी उसी से शेखर भी दोस्ती करना चाहता था। दोनों में इसी बात को लेकर मनुटाव चला आ रहा था। सार्थक और शेखर आपस में बात कर वर्चस्व दिखाते थे। सार्थक दिल्ली में रहता था।
युवती जैतपुर मंदिर आती जाती थी। मंदिर की देखरेख शेखर ही करता था। सोमवार सुबह छह बजे दिल्ली से आने के बाद सार्थक ने युवती के साथ एक फोटो खींच कर शेखर को भेजी थी। इसके बाद शेखर और सार्थक के गुटों में मंदिर पर जमकर मारपीट हुई। बीच बचाव में गोली चल गई। पुलिस ने युवती से भी पूछताछ की है।