गुरु गोविंद सिंह जयंती मनाने के लिए गत 22 दिसंबर से 26 दिसंबर तक प्रभात फेरी निकाली गई। इस मौके पर अखंड पाठ हुआ। वहीं सांध्यकालीन गुरुद्वारे में सबद कीर्तन के बाद बच्चों का कवि दरबार भी आयोजित किया गया। इसमें नन्हें - मुन्ने बच्चों ने सिख धर्म और गुरु गोविंद सिंह पर अनेंकों कविताओं का पाठ किया। जहां लोगों ने गुुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेक कर मुरादे मांगी। श्री गुरुसिंह सभा गुरुद्वारा कमेंटी के संरक्षक सुरजीत सिंह ने गुरु गोविंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह को सर्व वंश दानी भी कहा जाता है। जुल्म के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए इनका वंश समाप्त हो गया। सबद पाठ के बाद गुरुद्वारे में लंगर का भी आयोजन किया गया। इसमें धर्म प्रेमियों के साथ ही बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद छका। इस मौके पर कमेटी सदस्य गुरुबचन सिंह, गुरुचरन सिंह रागी, जगदीप सिंह, हरविंदर सिंह के अलावा हरजीत सिंह सब्बरवाल, गुरमीत सिंह कालरा, सुरेंद्र जीत सिंह, अमरजीत सिंह, बाबले, मंगी, गोल्डी, हैप्पी, हनी, रेशू, मनी, नयन व भरत आदि मौजूद रहे।