ज्ञान और कर्म के संयोजन से ही सफलता प्राप्त होती है। क्योंकि ज्ञान जानकारी है और कर्म समझदारी। कर्म के बिना ज्ञान अधूरा है इसलिए कर्मयोगी ही जीवन में सिद्धि प्राप्त करते हैं। यह विचार रांची विवि के हिंदी विभाग के प्रोफेसर जंगबहादुर पांडेय ने विवेकानंद महाविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से आयोजित जीवन में सफलता का रहस्य विषय पर व्याख्यानमाला में व्यक्त किए।
प्रोफेसर पांडेय ने कहा कि ज्ञान प्राप्ति का आधार श्रद्धा है। परंतु ज्ञान के लिए मेहनत एवं इंद्रियों पर नियंत्रण आवश्यक है। उपाधि महाविद्यालय पीलीभीत के हिंदी विभागाध्यक्ष डा. प्रणव शर्मा ने कहा कि उत्तम प्रकृति के मनुष्य वे हैं जो विघ्नों में रहकर निरंतर कर्म में लगे रहते हैं।
महाविद्यालय प्राचार्य डा.डीपी सिंह ने कहा असफलता से हमें निराश नहीं होना चाहिए। असफलता सफलता की पहली सीढ़ी है। रामशंकर गुप्ता, डा.इकरार अहमद, डा.इफ्तिखार हसन, डा.शुभारानी गुप्ता, प्रोफेसर रीना आर्या, डा.देशबंधु गुप्ता,डा.संदीप ओमर, प्रोफेसर हर्षबर्द्धन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।