फोटो -20- अधिकारियों से जानकारी करते ग्रामीण। स्रोत:ग्रामीण
कंचौसी। ढिकियापुर-घासा का पुरवा मार्ग पिछले 22 वर्षों से बदहाल स्थिति में है। इसके निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग और राज्य मंडी परिषद के अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग इसे मंडी परिषद की सड़क बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा था।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों और ठेकेदार के दावों ने अधिकारियों की दलीलों की हवा निकाल दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड औरैया के एई नेकराम और अवर अभियंता अंकित शुक्ला गांव पहुंचे। उनके साथ राज्य मंडी परिषद कानपुर कार्यालय के अवर अभियंता राहुल सिंह भी थे।
मंडी परिषद के इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि सड़क के किनारे खड़ी ईंट की एजिंग पीडब्ल्यूडी निर्माण शैली की पहचान है। मंडी परिषद अपने कार्यों में पट्ट ईंट का प्रयोग करती है। इसलिए यह सड़क पीडब्ल्यूडी की ही है। सीएम पोर्टल पर शिकायतकर्ता बलराम सिंह और पूर्व प्रधान सुरेश यादव समेत ग्रामीण पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से संतुष्ट नहीं हुए।
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ग्रामीणों ने वर्ष 2003-04 में इसी मार्ग की मरम्मत कराने वाले ठेकेदार सर्वेश भदौरिया से अधिकारियों की बातचीत कराई। ठेकेदार ने पीडब्ल्यूडी के उस समय के जेई और संबंधित कार्यालय का पूरा पता दिया। उन्होंने सड़क पीडब्ल्यूडी की होने के ठोस सबूत पेश किए। इससे पीडब्ल्यूडी के अधिकारी घिरते नजर आए।
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किसान नेता गिरीश सिकरवार ने इस मामले में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड जल्द सड़क निर्माण का ठोस भरोसा नहीं देता। तो सैकड़ों ग्रामीणों के साथ उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए जिले के उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।