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Auraiya Flood: आंखों के सामने बह गई गृहस्थी, तबाही का मंजर देख छलका दर्द, देखें 20 गांवों की दर्दनाक तस्वीरें

Sun, 28 Aug 2022 05:20 PM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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auraiya flood - फोटो : अमर उजाला
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औरैया जिले में यमुना नदी का जलस्तर 117.98 मीटर आते ही तलहटी में बसे 20 गांवों में तबाही का मंजर दिखाई देने लगा है। कई गांवों में घरों के डूबने से उनमें रखा गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया या फिर बह गया। जान बचाने के लिए ऊंचाई वाले स्थानों व गांव के बाहर डेरा जमाए ग्रामीणों का दर्द छलक उठा। रोजी रोटी का जरिया बंद होने का दुखड़ा रोया, तो किसी ने सब कुछ बर्बाद होने पर बेबसी बयां करते हुए सरकारी सिस्टम को कोसा। तीन दिन में पानी बढ़ने से अजीतमल और औरैया तहसील के 20 गांवों में पानी घरों के अंदर घुस गया। साथ ही सैकड़ों बीघा खेती भी पानी में डूब गई।

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auraiya flood - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ के पानी से सदर तहसील क्षेत्र के गांव अस्ता, क्योटरा, मई के अलावा अजीतमल तहसील क्षेत्र के गांव सिकरोड़ी, गोहानी कला, जुहीखा, फरिहा, असेवा, असेवटा, नौरी, कैथौली, बबाइन, बड़ी गूंज, छोटी गूंज, रमपुरा, बडैरा, गढ़ा कासदा, बीझलपुर, भूरेपुर कला, ततारपुर, जगतपुर गांवों चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। क्योटरा गांव के दिन्नी, रामकुमार अवस्थी, इंदर, अमरनाथ कठेरिया की परचून की दुकान, इतवारी लाल, राधेलाल, बाबूराम, सूरज घरों में गृहस्थी का सामान बह गया। ग्रामीणों की आंखों में तबाही के दर्द के साथ भविष्य को लेकर माथे पर चिंता की लकीरें भी दिखाई दे रही हैं।

auraiya flood - फोटो : अमर उजाला
पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा, तो मचेगी तबाही
वर्ष 2021 में छह अगस्त को यमुना के जल स्तर के 118.51 मीटर पर पहुंचने पर लगभग 25 गांवों के लोगों को अपने-अपने घरों को छोड़कर ऊंचाई पर शरण लेनी पड़ी थी। अहम बात यह है कि अभी बाढ़ पीड़ित पिछले साल के मंजर को भूल भी नहीं पाए थे कि इस बार फिर से बाढ़ के पानी ने कहर ढाना शुरू कर दिया है।

auraiya flood - फोटो : अमर उजाला
खुले में सहारा, नहीं आ रही नींद
प्रशासन से मिलने वाली मदद ग्रामीणों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने रहने और खाने के लिए जो व्यवस्थाएं कराई है, वह नकाफी है। अब पशुओं के चारे की समस्या हो रही है। खेतों में पानी भरा है, हरा चारा नहीं मिल पा रहा है। घरों में पानी भरने से भूसा भी भीग गया है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर बिजली पानी की अभी तक पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं हो पाई है।

auraiya flood - फोटो : अमर उजाला
शिविर में बुखार के बढ़े मरीज
बाढ़ प्रभावित गांव में लोग बीमार पड़ने लगे हैं। क्योटरा गांव की पड़ताल के दौरान प्राथमिक विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इस दौरान शिविर में मौजूद कम्युनिटी हेल्थ अधिकारी कौशल व मयंक दीक्षित ने बताया कि उनके पास 35 मरीज आ चुके हैं, जिसमें अधिकांश बुखार के हैं। बताया कि नावों की व्यवस्था न होने से लोग पानी में निकलकर राहत शिविर तक पहुंचे हैं। इससे बुखार के मरीज बढ़े हैं।

auraiya flood - फोटो : अमर उजाला
गांव में नहीं पहुंची एसडीआरएफ की टीम
जिला प्रशासन की अव्यवस्थाओं के चलते क्योंटरा गांव में ग्रामीणों को बाहर निकालने के लिए न तो एसडीआरएफ की टीम ही पहुंची और न ही नावों की व्यवस्था कराई गई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश दिखाई दिया।
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auraiya flood - फोटो : अमर उजाला
जालौन पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद
जालौन जिले में यमुना किनारे स्थित गांव नैनापुर में सड़क पर पानी पहुंचते ही औरैया-जालौन मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया हे। सीओ ट्रैफिक/सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव ने बताया कि जालौन जिला प्रशासन ने पुलिस प्रशासन औरैया से संपर्क कर भारी वाहनों का इस मार्ग पर आवागमन बंद करने को पत्र लिखा था। तब एसपी चारू निगम के आदेश पर भारी वाहनों के लिए रूट बदला गया है। इन वाहनों को भोगनीपुर से कालपी होते जालौन जाना होगा। हा
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