औरैया। शहर के बहुचर्चित मंजुल चौबे हत्याकांड के बाद दर्ज हुए गैंगस्टर एक्ट के मामले में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 आरोपियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में मंगलवार को इस मामले की अंतिम बहस पूरी हो गई। न्यायालय ने पत्रावली को निर्णय के लिए सुरक्षित रख लिया है। 17 फरवरी को इस मामले में निर्णय आ सकता है।
शहर के मोहल्ला नारायणपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में 20 मार्च 2020 को वर्चस्व की लड़ाई में गोलियां चलीं थीं। इस हमले में अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा चौबे की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाई संतोष पाठक व रामू पाठक समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया था। हत्या के साथ-साथ प्रशासन ने इन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी शिकंजा कसा था।
कमलेश पाठक को हत्या के मुकदमे में हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है, लेकिन गैंगस्टर एक्ट के कारण वह अब भी सलाखों के पीछे हैं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि गैंगस्टर मामले में बहस की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अब सभी की निगाहें 17 फरवरी को आने वाले फैसले पर टिकी हैं।
इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) विनय प्रकाश सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 आरोपियों पर आएगा फैसला। ड्राइवर की फाइल किशोर न्याय बोर्ड को पहले ही भेजी जा चुकी है।