मिलावटी दूध मिलने पर नष्ट करते खाद्य अधिकारी। संवाद
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ऐरवाकटरा। दूध लेकर जा रही एक पिकअप गाड़ी को खाद्य विभाग की टीम ने पकड़ लिया। टीम ने पांच कैन बरामद कर सैंपल जुटाए। मिलावट की आशंका होने पर टीम दूध नष्ट करा रही थी। इसी बीच कुछ नेताओं के दबाव में आकर टीम दो कैन दूध नष्ट करा सकी और फिर लौट गई।
बुधवार की सुबह लगभग साढ़े आठ बजे खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र टीम के साथ मिलावटी दूध ले जाने वाली पिकअप की तलाश में ऐरवाकटरा पहुंचे। टीम ने एक गाड़ी को रोका। इसमें दूध के 13 डिब्बे लदे थे। इनमें से पांच डिब्बों में मिलावटी दूध होनी की आशंका हुई। इस पर टीम गाड़ी व चालक को लेकर थाने जा पहुंची।
पूछताछ करने पर चालक ने खाद्य विभाग की टीम को अपना नाम और पता दोनों गलत बताए। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो चालक ने अपना नाम विकास कुमार बताया। कहा कि यह पिकअप गाड़ी एक प्राइवेट दूध डेयरी संचालक की है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक जांच में पांच डिब्बों में जो दूध था मिलावटी था। टीम ने दो डिब्बों का दूध नष्ट हुआ था कि कुछ स्थानीय सफेदपोश नेता पहुंच गए और टीम पर रौब गांठकर दबाव बनाना शुरू कर दिया। दबाव बढ़ता देख टीम को पीछे हटना पड़ा।
खाद्य विभाग टीम के अधिकारी दिनेशचंद्र ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिल रही थी कि रमपुरा और दिलालपुर गांव में बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध का काम चल रहा है। बुधवार सुबह गाड़ी में मिले मिलावटी दूध को नष्ट कराया है। शेष दूध का सैंपल जांच के लिए लैब में भेजा गया है। गाड़ी को छोड़ दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इधर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि चखकर और सूंघकर दूध की जांच की गई थी। इसके बाद दूध में मिलावट की आशंका थी। इसी के चलते दूध नष्ट किया गया है।