औरैया। लोक निर्माण विभाग ने पैचवर्क के नाम पर खेल कर डाला। बिना विज्ञप्ति प्रकाशित कराए ही 21 कामों के लिए 1.60 करोड़ रुपये के फर्जी तरह से टेंडर करा दिए। टेंडर की पत्रावली जांचने व मिलान कराने पर मामला खुला तो विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी ने टेंडर निरस्त कर विभागीय अधिकारियों पर जांच बैठा कर बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
शासन ने 15 नवंबर तक जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। जिले में करीब चार करोड़ की लागत से 600 किलोमीटर सड़कों का मरम्मतीकरण व पैचवर्क कराया जाना है। विभाग ने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए 21 कार्य के लिए 1.60 करोड़ रुपये का कूटरचित तरह से टेंडर प्रक्रिया कर डाली।
बिना समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित कराए ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करा दी। विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ पर ठेकेदारों ने टेंडर भी डाले। ये टेंडर तीन नवंबर को खुलने थे। जब टेंडर खुलने का समय आया तो एडीएम वित्त एवं राजस्व महेंद्र पाल ने पत्रावली मंगवा कर पूरी प्रक्रिया को परखा।
इसी दौरान जिन समाचार पत्रों में 17 व 18 अक्तूबर को विज्ञप्ति प्रकाशित दर्शाई गई वह फर्जी प्रतीत हुई। आशंका पर सूचना विभाग से लेकर अन्य माध्मय से प्रकाशित विज्ञप्ति की सच्चाई जानी गई तो खेल सामने आ गया।
एडीएम महेंद्र पाल के अनुसार पत्रावली जांचने पर लोक निर्माण के सहायक अभियंता से समाचार पत्रों की प्रतियां मांगी तो पहले फोन पर दिखाई गई। हार्ड कॉपी दिखाने पर दो दिन बाद ब्लैक एंड व्हाइट कॉपी दिखाई जो पूरी तरह से फर्जी व बनावटी लग रही थी। सूचना विभाग की जांच में पाया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा 17 व 18 अक्तूबर को औरैया जिले में विज्ञापन प्रकाशित ही नहीं कराया गया है।
21 कामों के लिए पड़े 55 टेंडर
विभागीय जानकारों के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने जिन 21 कार्यो में काम होना था उनमें सड़क का पैचवर्क, पुलिया निर्माण, पुलियों की रंगाई पुताई का काम होना था। इसके लिए ए,बी,सी,डी श्रेणी के ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जानी थी। विभाग ने जिले स्तरीय अधिकारियों को गुमराह करते हुए गुपचुप तरीके से लोक निर्माण विभाग कार्यालय में ही टेंडर डलवाए, जिसमें करीब 55 लोगों ने टेंडर डाले।
जिला प्रशासन मामले की जांच करा रहा है। इसमें जो भी विभागीय व्यक्ति दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। टेंडर निकालने के लिए निविदा सूचना विभाग को दी गई थी। विज्ञप्ति कहां और कब छपी इसकी जानकारी भी कराई जा रही है।
- अभिषेक यादव, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा फर्जी तरीके से टेंडर कराने का मामला सामने आने पर सभी पत्रावलियां तलब की गई हैं। फिलहाल टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर विभागीय कठोर कार्रवाई होगी।
- प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव, जिलाधिकारी