औरैया। बेमौसम बारिश ने सोमवार को ठंड का एहसास करा दिया। जिले के कई इलाकों में बारिश व बूंदाबांदी से पारा रविवार की अपेक्षा सात डिग्री कम रहा। बूंदाबांदी व ठंड के चलते सड़कों पर भी कम भीड़ नजर आई। वहीं, धान कटाई के बीच एकाएक बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेत में पकी खड़ी धान की फसल बारिश से काफी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में किसानों ने खेतों में जलनिकासी के इंतजाम करना शुरू कर दिया है। करीब 0.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस था लेकिन सोमवार सुबह से शुरू हुई हल्की बारिश के साथ गिरने लगा। सोमवार शाम तक अधिकतम तापमान 24-25 डिग्री तक लुढ़क गया। ऐसे में एक ही दिन में तापांतर सात डिग्री हो गया। न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कहीं-कहीं बच्चे तो गर्म कपड़ों में भी नजर आए। रुक-रुककर हुई बारिश के बीच लोग छाता लेकर सड़कों पर निकले। उधर, खेत खलिहानों पर काम जहां का तहां थम गया।
औरैया शहर के अलावा बिधूना, सहार, बेला, अजीतमल, फफूंद समेत जिलेभर में बारिश होती रही। मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने बताया कि मंगलवार को भी बादल छाए रहेंगे। करीब 23.02 मिमी तक बारिश होने की संभावना है। यह बारिश रबी फसलों की बुआई पर असर डाल सकती है। वहीं, सरसों, आलू, लहसुन, बाजरा की फसल में ज्यादा नमी से नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। पक चुकी धान की फसल में भी नुकसान होगा।
बंद रही धान की कटाई, नमी से काली पड़ सकती फसल
फोटो-07- बिधूना में शिमला मिर्च की फसल पर बारिश के असर को भांपता किसान। संवाद
फोटो-08- फफूंद के एक खेत में कटी पड़ी धान की फसल के बारे में जानकारी देते किसान। संवाद
बिधूना/ककोर/अजीतमल/फफूंद। क्षेत्र में पिछले दो दिनों से छाए बादलों ने सोमवार को आखिरकार बारिश का रूप ले लिया। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी देर शाम तक रुक-रुक कर जारी रही। इससे फसलों के चौपट होने की आशंका बढ़ गई है। पूरे दिन रुक-रुककर हुई बारिश से धान कटाई का काम भी बंद ही रहा।
खेतों में इस समय धान की फसल पककर तैयार खड़ी है। इसकी कटाई का काम जोरों पर चल रहा था। बूंदाबांदी होने से खेत गीले हो गए हैं। इससे कटाई का काम सोमवार को बंद हो गया। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का दौर यूं ही जारी रहा तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। काफी हद तक धान की फसल खेतों में गिरी पड़ी है। बारिश के साथ ही बाली में नमी जाने से रंग काला हो जाएगा। पक चुकी धान दोबारा से अंकुरित हो सकती है। धान का रंग काला हो जाने पर उसका दाम भी ठीक नहीं मिलता है।
वहीं सरसों की फसल में ज्यादा नमी से खरपतवार बढ़ेगा। बाजरे की फसल भी फूल आने के बाद अब पकने की स्थिति में है। ऐसे में नमी दानों को नुकसान पहुंचा सकती है। आलू, लहसुन की बुवाई कर रहे किसान भी अब फसल के लेट होने की आशंका जता रहे हैं। किसान मनोज सिंह, राजीव सिंह, सुरेश पाल, राकेश कुमार ने बताया कि यह मौसम फिलहाल सभी फसलों के लिए नुकसानदायक है।
उधर पत्ता गोभी व शिमला मिर्च करने वाले किसान भी चिंतित हैं। मोनू शाक्य ने बताया कि बारिश होने से गोभी के पत्तों में कीड़े लगने की संभावना बढ़ जाती है। शिमला मिर्च की फसल में रोग लगेगा। किसान पीयूष ने बताया कि टमाटर व खीरा की फसल में भी बारिश से नुकसान है।
- बाजरा की फसल को हुआ नुकसान
फोटो-16- खेत में कटी पड़ी बाजरे की फसल। संवाद
अयाना। बीहड़ पट्टी के गांवों में सोमवार को हुई बेमौसम बरसात से किसानों के चेहरों की रौनक उडी हुई है। बारिश से किसानों के खेत में पक कर तैयार हुई बाजरा व धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। वहीं, गेहूं की बोआई के लिए बारिश लाभकारी हुई है। अयाना के शीलनिधि सिंह, विनोद भदौरिया, मुन्नालाल गुप्ता, सेंगनपुर के राहुलत्रिपाठी, लाल कोके दुबे आदि किसानों ने बताया कि वर्तमान समय में बाजरा व धान की कटाई चल रही है। सबसे ज्यादा नुकसान खेतों में कटी पड़ी फसल को हुआ है। यदि बारिश और हुई तो खेतों में पड़ी फसल के सड़ने का खतरा बढ़ जाएगा। (संवाद)