बिधूना (औरैया)। फर्जी बिजली विजिलेंस अधिकारी बनकर ग्रामीणों से ठगी कर रहे दो युवकों अमन और गुलशन को अछल्दा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
आटा चक्की संचालक ने 15 हजार की ठगी होने के बाद युवकों की शिकायत की थी, इसके बाद पुलिस ने युवकों को धर दबोचा। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
थाना क्षेत्र के गांव किल्लामपुर निवासी आशीष कुमार ने शुक्रवार को शिकायती पत्र दिया था। इसमें बताया कि वह आटा चक्की चलाते हैं। दो दिसंबर को लाल-नीली बत्ती लगी कार से दो लोग चक्की पर आए। खुद को विजिलेंस अधिकारी बताते हुए कहा कि चक्की ओवरलोड है।
उन्होंने मुकदमे में फंसाने की धमकी दी, बाद में 30 हजार रुपये में मामला निपटाने की बात कहने लगे। डर के कारण उन्होंने दस हजार रुपये नकद व पांच हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से दे दिए। इसके बाद शुक्रवार को दोनों फिर से चक्की पर आए और रुपयों की मांग करने लगे।
थाना पुलिस ने शनिवार दोपहर करीब 12ः45 बजे अछल्दा थाना क्षेत्र के तुर्कीपुर बंबा पुलिया के पास से दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुदरकोट थाना क्षेत्र के गांव अनुरुद्धपुरा निवासी अमन उर्फ सोनू और गुलशन के रूप में हुई है।
पुलिस ने इनके कब्जे से लाल-नीली बत्ती लगी कार समेत अन्य सामान बरामद किया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे खुद को बिजली निगम का विजिलेंस अधिकारी बताकर लोगों को डराते-धमकाते थे और वसूली करते थे।
थाना प्रभारी पंकज मिश्रा ने बताया कि दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया है। ठगी में प्रयुक्त अर्टिगा कार को सीज कर दिया गया है।
विजिलेंस की गाड़ी चलाता था अमन, वहीं से आया आइडिया
पुलिस की पूछताछ के सामने आया कि आरोपी अमन उर्फ सोनू पहले बिजली निगम की विजिलेंस टीम का वाहन चलाता था। ऐसे में वह विजिलेंस के जांच व कार्रवाई करने के तरीके को समझ गया था। उसे कई ऐसे कॉमर्शियल कनेक्शनों की जानकारी भी हो गई थी, जहां विजिलेंस टीम जांच कर चुकी थी। यहीं से उसे ठगी का आइडिया मिला और उसने अपने दोस्त गुलशन के साथ मिलकर ठगी करनी शुरू कर दी। दोनों युवक बीएससी कर चुके हैं।