रेलवे स्टेशन फफूंद के पश्चिमी छोर पर रेलवे लाइन पार कर रहे एक फार्माशिष्ट और एक युवक शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। तेज रफ्तार ट्रेन की टक्कर से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। जीआरपी ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शास्त्रीनगर दिबियापुर निवासी संत कुमार (50) पुत्र महावीर सिंह कस्बे में मेडिकल स्टोर चलाता था। संत कुमार और वीर अब्दुल हमीद नगर निवासी रविकुमार (25) पुत्र मुन्नालाल दोस्त थे। दोनों सुबह बाइक से मंडी समिति गए थे। वहां से लौटने पर रेलवे क्रासिंग के पास बाइक खड़ी करके चाय पी। इसके बाद बाइक वहीं खड़ी करके दोनों रेलवे लाइन पार करके दूसरी ओर आ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रवि ने शताब्दी आते देखी तो संत कुमार को बचाने दौड़ पड़ा। लेकिन दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए।
संत कुमार के शरीर के चीथड़े प्लेटफार्म दो के किनारे डाउन रेलवे ट्रैक पर बिखर गए। जबकि रवि इतनी तेज उछला कि प्लेटफार्म एक पर खड़ी मालगाड़ी के नीचे आ गिरा। हादसे के बाद ट्रेन के ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। ट्रेन 11:16 से 11:20 तक फफूंद में ही खड़ी रही। क्रासिंग के आसपास खड़े लोगों ने मृतकों की शिनाख्त कर उनके घर सूचना पहुंचाई। परिजनों के पहुंचने पर जीआरपी ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मौत भी नहीं दे पाई दोस्ती को मात
संतकुमार और रवि की उम्र में करीब दोगुने का अंतर था। लेकिन उनकी दोस्ती मिसाल के काबिल थी। उनके दिन की शुरुआत एक-दूसरे से मिलने के बाद होती थी। रात में घर जाने के पहले भी वह साथ ही होते थे। और मंगलवार को दोनों ने जान भी साथ-साथ गवां दी। बड़ी सब्जी मंडी गली में दुर्गा मंदिर के पास रहने वाले डा. संत कुमार का ओवरब्रिज के नीचे मेडिकल स्टोर था। जबकि रवि कुमार सोनी का घर संत कुमार के घर के ठीक सामने और मोबाइल की दुकान घर के बाहर थी। लोग बताते हैं कि दोनों ही दोस्ती कई साल पुरानी है।
दोनों की दिनचर्या सुबह पांच बजे पास के गांव में दूध लेने के लिए जाने से होती थी। शाम तक वह अधिकतर समय साथ ही रहते थे। दोनों दुकानें बंद करने के बाद एक बार मिल लेते थे। यहां तक कि किसी को अगर दिबियापुर से बाहर जाना होता तो दोनों साथ में जाते थे। रवि के परिजनों ने कई बार अपनी उम्र के युवा के साथ दोस्ती करने के लिए कहा। परंतु वह नहीं माना। आज भी सुबह दोनों साथ में दूध लेने गए थे। दोनों साथ में मंडी समिति गए। रेलवे क्रासिंग पार करते समय दोनों ही शताब्दी की चपेट में आ गए।
पांच साल पहले हुई थी रवि की शादी
शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आए रवि की पांच साल पहले शादी हुई थी। उसकी कोई संतान नहीं थी। परिजनों ने बताया कि इससे रवि और उसकी पत्नी परेशान रहते थे। हादसे में रवि की मौत ने उसकी पत्नी को पूरी जिंदगी का गम दे दिया। रवि की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। संत कुमार के दो बच्चे हैं। संत कुमार की मौत की खबर मिलने की खबर उसकी पुत्री को स्कूल में मिली। वह स्कूल से सीधे रेलवे स्टेशन पर पहुंची। पत्नी तो बार बार बेहोश हो रही थी।