न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अपर सत्र न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने ग्राम नरोत्तमपुर में मारपीट व हरिजन एक्ट के मामले के दो अरविंद पाल व तुलाराम को पांच वर्ष की सजा और 12 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
अभियोजन के अनुसार ग्राम नरोत्तमपुर निवासी रामप्यारी ने कोतवाली औरैया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि गांव के अरविंद पाल की बकरी वादिनी के खेत में चरने उससे कहासुनी हुई थी। इसी बात को लेकर 17 मार्च 2010 की शाम लगभग 6 बजे रामप्यारी के पति रामदास रैदास औरैया से मजदूरी करके गांव वापस आ रहे थे।
तभी रास्ते में पहले से लाठी लिए गांव के अरविंद पाल पुत्र श्याम सिंह व उसकेे साथी तुलाराम पुत्र छेदालाल निवासी नरायनपुर औरैया ने रामप्यारी के पति को गाली गलौज करते हुए मारा जिससे उनके दोनों पैर के घुटने टूट गए और वह बेहोश होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े। इस पर थाने में अरविंद पाल व तुलाराम के विरुद्ध हरिजन एक्ट व मारपीट का नामजद मुकदमा पंजीकृत हुआ। आरोप पत्र दाखिल होने पर यह मुकदमा एडीजे महेंद्र सिंह की कोर्ट चला।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मुकेश पोरवाल व श्रवण सचान एडवोकेट एवं बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए एडीजे महेंद्र सिंह ने पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास व 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुर्नाई। न्यायालय ने वसूल किए गए जुर्माना में से 6 हजार रुपये चुटहिल रामदास को देने का आदेश दिया।