फोटो 03एयूआरपी13- यात्री ब्रजेंद्र सिंह तोमर द्वारा रेलमंत्री को किया गया ट्वीट
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लॉकडाउन के चलते मार्च से मई के बीच रद्द रहीं ट्रेनों के टिकट का रिफंड पाने के लिए यात्रियों को भटकना पड़ रहा है। एक यात्री ने रेल मंत्री को ट्वीट कर अपनी व्यथा बताई है।
रेल कर्मियों के अनुसार प्रतिदिन लगभग 50 हजार रुपयों से अधिक का रिफंड पाने के लिए यात्री पहुंच रहे हैं। जबकि आमदनी लगभग आधी 25 हजार रुपये की हो रही है। जितनी आमदनी होती है, उसी प्रकार से पूरा रुपया रिफंड कर दिया जाता है।
बुधवार को डा.ब्रजेंद्र सिंह तोमर ने रेलमंत्री को ट्वीट करके जानकारी दी कि कई बार दौड़ने के बाद भी कैंसल उनके टिकटों का रिफंड नहीं मिल पा रहा है।
उन्हें 10 अप्रैल को उज्जैन से भिंड यात्रा करनी थी। वहीं, कई अन्य यात्रियों ने भी रिफंड न मिलने की शिकायत की है।
वहीं, रेलवे स्टेशन फफूंद के रिजर्वेशन काउंटर के बाबू राघवेंद्र के अनुसार यात्रा की तिथि से 7 दिन बाद टिकट का रिफंड मिल रहा है।
बुधवार को 26 मई तक यात्रा शुरू करने वाले यात्रियों का रिफंड दिया गया। यात्रा की तिथि से 180 दिनों तक यात्री अपना रिफंड ले सकते हैं। धीरे धीरे आमदनी बढ़ रही है। इसलिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।