कोतवाली क्षेत्र के हाइवे रोड इंडियन आयल तिराहे पर ट्रक ने बाइक सवार चाचा-भतीजे को कुचल दिया। हादसे में चाचा की मौके पर मौत हो गई। वहीं भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से आक्रोशित भीड़ ने हाइवे पर जाम लगा पथराव किया। हंगामे की सूचना पर पहुंचे एएसपी, एसडीएम ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। करीब दो घंटे बाद पुलिस के समझाने पर मामला शांत हो सका। लोगों ने बताया कि बाइक सवार हेलमेट नहीं लगा थे।
कानपुर देहात जिले के गांव बैजामऊ निवासी मोहन सिंह (28) पुत्र देव सिंह बुधवार को अपने भतीजे सुरजीत सिंह (19) पुत्र मुलायम के साथ बाइक से औरैया आ रहा था। जैसे ही वह हाइवे रोड इंडियन आयल तिराहे के पास पहुंचे। पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से मोहन की मौके पर मौत हो गई। जबकि सुरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा होते देख मौके पर भीड़ जमा हो गई। घटना से आक्रोशित भीड़ ने ट्रक में तोड़-फोड़ करते हुए औरैया-इटावा हाइवे पर जाम लगा दिया।
घटना की जानकारी होते ही मौके पर कोतवाली प्रभारी नन्हेलाल यादव पहुंच गए। उन्होंने भीड़ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। ग्रामीण उच्चाधिकारियाें को बुलाए जाने और ओवरब्रिज बनवाए जाने की मांग करते रहे। घटनास्थल पर पहुंचे एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम जितेंद्र श्रीवास्तव, सीओ सिटी सुभाष अत्री ने भीड़ को समझाया। जब भीड़ ने पुलिस की एक न सुनी तो पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को खदेड़ते हुए शव उठा लिया। मृतक का शव उठाने पर भीड़ ने वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव होते देख पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को समझाया-बुझाया। तब कहीं जाकर जाम खुल सका। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सीओ ने भीड़ पर लिया एक्शन
बुधवार को इंडियन आयल तिराहे पर हुए हादसे के बाद आक्रोशित भीड़ की ओर से प्रदर्शन होते देख पहले सीओ सिटी ने काफी समझाया-बुझाया। जब फिर भी भीड़ नहीं मानी तो सीओ सिटी का गुस्सा भी बढ़ गया औैर आक्रोशित भीड़ से उलझ गए। सीओ साहब की सख्ती देख उनके मातहत कैसे पीछे हटते। देखते ही देखते पुलिस ने चार-पांच लोगों को हाथ जड़ दिए और धमकाते हुए उन्हें भगा दिया।
तो इस तरह जनता बन रही मित्र
औरैया। जहां एसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज पब्लिक से मित्रव्त व्यवहार करने की सलाह मातहतों को दे रहे हैं। वहीं एक जिम्मेदार अधिकारी की ओर से जनता के साथ गलत व्यवहार करना पुलिस महकमे के लिए संकट बन सकता है। विगत 27 फरवरी को राजवीर हत्याकांड मामले में भी स्थानीय पुलिस अधिकारी ने अपना आपा खो दिया था और उसका खामियाजा यह हुआ था कि आक्रोशित भीड़ ने एसपी आवास में तोड़फोड़ करते हुए हंगामा मचाया था।
अगर एक जिम्मेदार अधिकारी की ओर से पब्लिक के साथ ऐसा कार्य किया जाता है तो वह निंदनीय है। राजवीर हत्याकांड मामले में उन्हें चेतावनी दी जा चुकी है। संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज
एसपी