सराफा कारोबार पर एक्साइज ड्यूटी थोपे जाने को लेकर आंदोलन कर रहे सराफा व्यापारियों के समर्थन में व्यापारी गुटों की दो अप्रैल को संपूर्ण बाजार बंदी के एलान पर विरोधी स्वर फूट गए हैं। व्यापारी संगठनों की बाजार बंदी का कंछल गुट के व्यापारी नेताओं ने विरोध किया है। गुरुवार को जहां कारोबार बंद रख सराफा व्यापारी बंदी की सफलता को लेकर चिंतन करते दिखाई दिए। वहीं कंछल गुट के पदाधिकारियों ने बैठक कर बंदी की विफलता की रणनीति तय की।
व्यापारी संगठनों की ओर से की गई बंदी का कंछल गुट के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष रविकांत वर्मा लाले ने विरोध करने का एलान किया है। गुरुवार को जिला महामंत्री सुनील पोरवाल के कार्यालय पर संपन्न आपातकालीन बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष ने सराफा बंदी को अनैतिक करार दिया। कहा कि संपूर्ण बाजार बंदी से छोटे कारीगरों व व्यापारियों का शोषण होगा। उन्होंने इस बंदी का विरोध करने का आह्वान करते हुए व्यापारियों से बंदी का बायकाट करते हुए अपनी दुकानें खोले जाने की अपील की है।
सराफा एसोसिएशन पर आरोप मढ़ते हुए संगठन उद्योग मंच के महामंत्री राजेश चंद्र टुनटुन ने कहा कि सराफा कारोबारियों को बंदी की मांग करते हुए हमारे जिलाध्यक्ष के पास आना चाहिए था। उन्होंने ऐसा नहीं किया और अपना फरमान जारी कर दिया। कंछल गुट के व्यापारी इसके खिलाफ हैं।
कंछल गुट की बैठक में संरक्षक अशोक वर्मा, राम कुमार पोरवाल, हैप्पी पोरवाल, रमेश पोरवाल, गौरव शुक्ला, प्रमोद गुप्ता, विमल शुक्ला, अमित चौबे, अवधेश पोरवाल, गौरव शर्मा, पवन गुप्ता, दीपक वर्मा, मनोज गोयल, हैप्पी वर्मा, जसवीर सिंह, नरेंद्र सिंह सभासद आदि व्यापारी मौजूद रहे।
उधर एक्साइज ड्यूटी का विरोध कर रहे सराफा व्यापारियों ने अपना कारोबार बंद रखकर सदर बाजार में धरना दिया। धरना स्थल पर सराफा कारोबारी दो अप्रैल को प्रस्तावित संपूर्ण बाजार बंदी की सफलता को लेकर रणनीति बनाते रहे।
सराफा एसोसिएशन के जिलाध्क्ष सर्वेश वर्मा ने कहा कि बंदी की सफलता पर ही हमारे आंदोलन की सफलता टिकी हुई है। बंदी को लेकर कंछल गुट को छोड़ कर सभी व्यापारी संगठनों ने अपना समर्थन किया है। उन्होंने जिले के व्यापारियों से उक्त बंदी के दिन दुकानें बंद रख सहयोग प्रदान करने की अपील की है।
धरना में संरक्षक विपिन मित्तल, महामंत्री कांत कुमार शुक्ला, श्रीराम पुरवार, संजीव वर्मा, सतीश वर्मा, रामअवतार वर्मा, दाऊदयाल वर्मा, मयंक शुक्ला, विशाल वर्मा, दिलीप वर्मा, पप्पन वर्मा, वेद वर्मा, संजू वर्मा आदि सराफा कारोबारी मौजूद रहे।