अछल्दा (औरैया)। क्षेत्र के गांव जखा की दो बहनों श्वेता और सुजाता की बारात बुधवार को ही आएगी। ग्रामीणों व रिश्तेदारों के अथक प्रयास के बाद वर पक्ष भी बारात टालने की जगह सादे समारोह में फेरे करवाने को तैयार हो गए है। मंगलवार को पिता और बहनोई के अंतिम संस्कार के बाद घर में जुटे रिश्तेदारों व ग्रामीणों ने सामूहिक रुप से ये फैसला लिया।
मालूम हो कि बेटियों की शादी का कार्ड बांटने जा रहे गांव के दयाशंकर शाक्य और उनके दामाद की सड़क हादसे में रविवार को मौत हो गई। सोमवार को दोनों का अंतिम संस्कार हुआ । दो दिन बाद बुधवार को फर्रुखाबाद और कन्नौज से उनकी दोनों बेटियों श्वेता और सुजाता की बारातें आनी थी। एक ही मंडप में दोनाें का विवाह होना था। इस सबके बीच इस हादसे के बाद परिजनों ने शादियां टालने का फैसला किया। हालांकि सोमवार की रात दयाशंकर के अंतिम संस्कार के बाद घर पर जुटे ग्रामीणों व रिश्तेदारों ने तय तिथि व तय समय पर ही दोनों के विवाह का फैसला लिया। इसके लिए फर्रुखाबाद और कन्नौज में वर पक्ष को भी मनाया गया। गांव वालों ने दोनों के विवाह में आर्थिक मदद देने का आश्वासन देते हुए ये फैसला लिया गया कि तय तारीख में ही दोनों बेटियों की शादी की शादी कर दी जाए। हालांकि इस फैसले को लेक र लड़की पक्ष के लोग सहमत नहीं थे, पर होनी को कौन टाल सकता है जैसी बात होने पर वह इसमें राजी हो गए। इस बात को लेकर लड़के पक्ष से भी बात की गई तो उन्होंने भी अपनी सहमति जता दी है। परिवार के लोगों का कहना है कि सादा समारोह में दोनों बेटियों की शादी संपन्न की जाएगी।