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Auraiya News: आज रिद्धि्- सिद्धि संग पधारेंगे गौरी पुत्र गणेश

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संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया। विपदाओं से बचाने और मंगल करने के लिए विघ्न विनाशक श्री गणपति महाराज 10 दिन तक अलग-अलग स्थानों पर विराजेंगे। उनके आगमन और स्वागत को लेकर सोमवार देर शाम तक तैयारियां जोरों पर चलती रहीं। जिले के 150 स्थानों पर प्रतिदिन विघ्नहर्ता का अभिषेक, पूजन, भजन और आरती होगी।
जिले में इस बार 150 स्थानों पर छोटे-बड़े पंडाल सजाए जाएंगे। इसमें भव्य पूजन के साथ गणपति बप्पा को विराजमान किया जाता है। इसे लेकर जहां बाजार में पूजा सामग्री धूप, दीप, दूर्वा, मोदक, कपूर, लाल कपड़ा, चौकी, सुपारी, लड्डू, पंचमेवा, मौली, लाल चंदन की पूरे दिन खरीदारी हुई। वहीं बप्पा को सजाने के लिए होमगंज बाजार, सदर बाजार, बिधूना बाजार, अयाना बाजार आदि में पोशाकों की दुकानों पर भी जमकर बिक्री हुई। इसकी कीमत मूर्ति के आकार के हिसाब से 50 रुपये से हजारों में रही। वहीं पगड़ी 200 रुपये से 600 रुपये में मिल रही है। पंडालों में साज-सज्जा और बप्पा की स्थापना को लेकर अयाना के त्रिपाठी मार्केट के पास पंडाल आयोजक गौरव सविता ने बताया गणपति जी की मूर्ति लाई जा चुकी है। मंगलवार दोपहर को कस्बे में शोभायात्रा निकालने के बाद मूर्ति को पंडाल में विराजित किया जाएगा। यहां औरैया शहर के दिबियापुर रोड पर मूर्ति बनाने वाले कलाकारों की बनाई मूर्ति स्थापित की जाएगी। अगले सात दिनों तक यहां सुबह शाम आरती के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। पोरवाल मुहाल रुरुगंज में श्रीगणेश पंडाल के आयोजक ईशु गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को शोभायात्रा के बाद गणपति बप्पा की स्थापना की जाएगी। पंड़ाल के लिए इटावा जिले से मूर्ति मंगवाई गई है।
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अष्टविनायक मंदिर में पहली बार आयोजित होंगे कार्यक्रम
अजीतमल कस्बे के गढि़यापुल के पास नवनिर्मित अष्टविनायक मंदिर में पहली दफा गणेश उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम आयोजक कैलाश त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार से नौ दिन चलने वाले कार्यक्रम में प्रतिदिन सुबह आठ बजे से 10 बजे तक पूजन अर्चन एवं सायं सात बजे से आरती व भोग सेवा का आयोजन किया जाएगा।


घरों में श्रीगणेश की मूर्ति रखने का विधान
आचार्य केशवम अवस्थी ने बताया कि परंपरा के अनुसार भगवान श्री गणेश की मूर्ति को घर में एक, तीन, सात या 10 दिनों तक रखना चाहिए। घर में मूर्ति को साफ आसन पर विराजित करें। इसके बाद भगवान का पूजन कर नियम से रोज आरती, भोग,प्रसाद अर्पित करें। भगवान को लाल रंग का गुड़हल का फूल चढ़ाएं। विसर्जन से पहले, भजन कीर्तन कर भोग लगाकर ही श्रीगजानन को विदा करें।
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गणेश उत्सव को लेकर पुलिस चौकन्नी है। आरती के दौरान पंडाल व आसपास के क्षेत्र में पुलिस गश्त को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सभी आयोजक शांतिपूर्वक व भाईचारे के साथ गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाएं। - दिगंबर कुशवाहा, अपर पुलिस अधीक्षक
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