श्री जन सहयोगी इंटर कालेज में संत, महात्माओं का आगमन शुरू हो गया है। यहां गुरुओं के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
बताते चलें कि प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर क्षेत्र के अमावता में संतों की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में संतों और महात्माओं से आशीर्वाद लेने के लिए लोगों का जमावड़ा लगा रहता है।
गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए संत सुखराम दास ने कहा कि व्यक्ति को निवृत होकर गुरू के पास जाने से मन की शांति मिलती है, तभी ज्ञान अर्जन किया जा सकता है।
इसी क्रम मे महंत वैद्य ने कहा कि समाज में ऐसे महापुरुषों को गुरू बनाने की चेष्टा करनी चाहिए, जिनका आचरण अच्छा हो।
आचरण विहीन ज्ञान मदिरा भरे कलश के समान होता है। गुरू अपने अनुभव से समाज को सही मार्ग दर्शन दें, जिससे समाज उन्नति की ओर अग्रसर हो सकें। इस दौरान गुरु दर्शन के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी रही।