औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने बिधूना कोतवाली क्षेत्र में एक नाबालिग से छेड़छाड़ के 10 साल पुराने मामले में दोषी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस दौरान कोर्ट ने दोषी को 15 हजार अर्थदंड की सजा से भी दंडित किया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा व विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि पीड़ित किशोरी ने बिधूना कोतवाली में रिपोर्ट लिखाई कि 11 जून 2013 की शाम लगभग आठ बजे वह शौच के लिए गांव के बाहर गई थी। तभी वहां पर गांव के रिंकू उर्फ सत्यपाल शाक्य ने उसे छेड़खानी की।
आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके कपड़े फाड़ दिए। वह चिल्लाई तो गांव के लोग दौड़ पड़े तब वह मौके से धमकी देते हुए भाग गया। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दलित किशोरी से छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया। साथ ही आरोप पत्र कोर्ट में सुनवाई के लिए दाखिल किया। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो मनराज सिंह की कोर्ट में चला।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने इस कुकृत्य के दोषी को कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने दोषी रिंकू उर्फ सत्यपाल शाक्य को तीन साल के कठोर कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। कोर्ट ने प्रस्तुत मामले में जमा कराई गई अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को देने का भी आदेश दिया है।