औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में चार साल पूर्व एक पांच वर्षीय बच्ची के साथ अश्लील हरकत व छेड़छाड़ करने के दोषी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस दौरान कोर्ट ने दोषी पर 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि वादी ने अजीतमल कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया कि पांच अगस्त 2019 को दोपहर तीन बजे उसकी पांच वर्षीय पुत्री घर के दरवाजे पर खेल रही थी। तभी अभियुक्त रामऔतार दुबे निवासी अमावता टॉफी व मिठाई का लालच देकर उसकी बेटी को कमरे में ले गया। उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। पुत्री को ढूढ़ते हुए लोग पंचायत घर पहुंचे। तो पीड़िता के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। आरोपी बच्ची के साथ अश्लील हरकतें व छेड़छाड़ करते पाया गया। शोर मचाने पर आरोपी दरवाजा खोला भागने लगा। तब लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। आरोपी पूर्व में हिस्ट्रीशीटर रह चुका है। कोतवाली में पुलिस ने एससीएसटी एक्ट व छेड़छाड़ का नामजद मुकदमा पंजीकृत किया। पुलिस ने विवेचना कर अभियुक्त के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट प्रस्तुत की।
यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट में चला। बुधवार को इसका निर्णय सुनाया गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने अबोध बालिका के साथ अश्लील हरकतें व छेड़खानी जैसे गंभीर प्रकृति के अपराध को करने वाले अभियुक्त को कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने उसे निर्दाेष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने अभियुक्त रामऔतार दुबे को पॉक्सो, एससीएसटी एक्ट व छेड़खानी के अपराध में तीन साल के कठोर कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने इस मामले में जमा कराए गए अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने के लिए कहा है।