औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र के गांव घासी पुर्वा में नौ साल पहले भूमि विवाद के मामले में छह लोगों के साथ घातक हथियारों से मारपीट करने के तीन दोषियों को चार साल के कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ग्रीश कुमार वैश्य ने सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि गांव घासी का पुर्वा पोस्ट दशहरा निवासी वादिनी उर्मिला पत्नी भूरे सिंह ने 29 नवंबर 2014 को मुकदमा पंजीकृत कराया था। मुकदमें में बताया कि भूमि विवाद को लेकर उनके जेठ रामसेवक यादव का पुत्र मनोज यादव उनके परिवार से रंजिश मानता था। मनोज के दो साले मिथुन व विनोद जो काफी दिनों से गांव में बहनोई के पास रह रहे थे। इन तीनों ने 29 नवंबर को सुबह आठ बजे वादिनी का पुत्र जितेंद्र, राघवेंद्र, उमेश व कुलदीप जब ट्रैक्टर लेकर गेहूं बोने खेत पर गए थे। तभी विपक्षियों ने एक राह होकर जान से मारने की नियत से लाठी-डंडा, भाला से उन पर हमला कर दिया।
जिससे छह लोग जितेंद्र, अनीता, शकुंतला, राघवेंद्र, उमेश चंद्र व कुलदीप घायल हो गए। सभी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर में डॉक्टरी परीक्षण किया गया। विभिन्न धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया। पुलिस ने विवेचना कर मनोज यादव, मिथुन व विनोद के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। सुनवाई के दौरान केशव सिंह व आलोक कुमार के नाम भी सामने आए, लेकिन सुनवाई में उन पर दोष सिद्ध नहीं हुआ और उन्हें बरी कर दिया गया। यह मुकदमा जिला एवं सत्र न्यायालय से मंगलवार को निर्णीत हुआ।
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने दोषियों को कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने उन्हें निर्दाेष बताया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश ग्रीश कुमार वैश्य ने तीन दोषियों मनोज यादव निवासी घासी पुर्वा व उनके दो साले मिथुन व विनोद निवासी मनकापुर थाना मंगलपुर कानपुर देहात को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास व 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। जमा होने वाले अर्थदंड में से सभी छह चुटहिलों को प्रतिकर अदा करने का भी आदेश दिया गया।
06जेएनडी19: लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करते हुए। विज्ञप्ति।