औरैया। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के 12 साल पुराने मालती देवी की मौत के मामले में कोर्ट ने अगली सुनवाई आठ जुलाई तय कर दी है।
वहीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के ईएमओ डॉ. एसपी शर्मा, सैफई के रिकॉर्ड कीपर/फार्मासिस्ट और सीएचसी अजीतमल के फार्मासिस्ट को अभिलेखों के साथ तलब किया है।
कोतवाली अजीतमल में वर्ष 2014 में दर्ज हुए हत्याकांड में अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। एक घटना के दौरान राम सिंह और मालती देवी को 11 दिसंबर 2014 को इलाज के लिए सीएचसी अजीतमल लाया गया था। वहां से उन्हें सैफई और बाद में एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया था। वहां इलाज के दौरान 12 दिसंबर 2014 को मालती देवी की मौत हो गई।
बुधवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन का तर्क था कि महिला की संदिग्ध मौत की सूचना डॉ. एसपी शर्मा की ओर से थाने भेजी गई थी। मामले के निष्पक्ष निस्तारण और घटना के तथ्यों को साबित करने के लिए संबंधित डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की गवाही और उनके पास मौजूद मेडिकल रिकॉर्ड्स का परीक्षण करना न्यायहित में आवश्यक है। बहस के दौरान अभियोजन की इस मांग पर अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ताओं ने कोई आपत्ति नहीं जताई।
मामले की सुनवाई कर रहे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार ने प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते हुए अभियोजन पक्ष को निर्देश दिए हैं कि वे अगली तारीख पर संबंधित गवाहों को अभिलेखों के साथ कोर्ट में पेश करना सुनिश्चित करें। मामले की अगली सुनवाई आठ जुलाई 2026 तय की गई है।
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महिला को घायल करने के आरोपी को मिली जमानत
औरैया। थाना एरवाकटरा क्षेत्र के वर्ष 2023 में दर्ज एक मामले में विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट ने आरोपी शिवा बाथम को जमानत दे दी है। न्यायालय ने आरोपी को 25 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके और इतनी ही धनराशि की एक जमानत राशि पर रिहा करने का आदेश दिया है।
वादी रामवीर ने 10 अगस्त 2023 को थाना एरवाकटरा में मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के अनुसार, 10 अगस्त की रात करीब 8 बजे वादी की पुत्रवधू अंजलि घर की छत पर थी। आरोप है कि उसी दौरान गांव का ही शिवा बाथम पड़ोसी की छत के रास्ते वादी की छत पर पहुंच गया। गाली-गलौज करते हुए उसने ईंट से अंजलि पर हमला कर दिया। शिवा बाथम ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दूसरा जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने अभियुक्त को जमानत पर रिहा करने का आदेश पारित किया।(संवाद)
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जानलेवा हमले के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते गाली-गलौज और फायरिंग करने के मामले में आरोपी पुरुषोत्तम शुक्ला की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी। शहर के मोहल्ला नारायनपुर निवासी राकेश कुमार ने 3 मई 2026 को कोतवाली में तहरीर दी थी। राकेश के अनुसार, करीब एक माह पूर्व उसके बेटे की गाड़ी से आरोपी के पिता का एक्सीडेंट हो गया था।
इसी रंजिश को लेकर तीन मई की सुबह जब वह अपने परिवार के साथ कार में बैठा था, तभी गौतम शुक्ला और पुरुषोत्तम शुक्ला ने मौके पर आकर गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि मना करने पर दोनों ने जान से मारने की नियत से असलहे से फायर झोंक दिए। बुधवार को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद प्रभारी सत्र न्यायाधीश पारूल जैन ने पुरुषोत्तम शुक्ला की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया है।(संवाद)
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पीटने व एससी-एसटी के आरोपी को मिली जमानत
औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र में मारपीट और जातिसूचक शब्द बोलने के मामले में आरोपी सुशील कुमार को विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) ने जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। मामला 30 अक्तूबर 2024 की रात का है।
वादी सनी ने थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि गांव के नीतेश, सुशील कुमार उर्फ मीनू और अजय राठौर ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। बुधवार को इस मामले की सुनवाई की गई। विशेष न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी सुशील कुमार को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। न्यायालय ने आरोपी को 25 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि का जमानतगीर पेश करने के आदेश दिया। (संवाद)
पत्नी की हत्या के आरोपी पति की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। कुदरकोट थाना क्षेत्र में दहेज के लिए विवाहिता हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी पति की जमानत याचिका खारिज कर दी है। प्रभारी सत्र न्यायाधीश पारुल जैन की अदालत ने आरोपी करन सिंह को जेल से रिहा करने से इन्कार कर दिया है।
वादी रामनारायण ने छह अक्तूबर 2025 को कुदरकोट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी का आरोप था कि उनकी बहन रश्मि की शादी अप्रैल 2021 में करन सिंह के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति करन सिंह, ससुर सरमन लाल, सास और ननदों द्वारा दहेज में 40 हजार रुपये और एक बाइक की मांग को लेकर रश्मि को लगातार शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
पांच अक्तूबर 2025 को रश्मि की मौत हो गई। वादी का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर रश्मि की हत्या कर दी गई। बुधवार को मामले में सुनवाई की गई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता और सह-अभियुक्तों की जमानत याचिका पहले ही निरस्त हो चुकी है, जिसे देखते हुए आरोपी को जमानत पर छोड़े जाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है। (संवाद)
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18 साल पुराने मामले में जमानत याचिका मंजूर
औरैया। विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) कोर्ट ने वर्ष 2008 के एक पुराने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पप्पू उर्फ अकरम की दूसरी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। कोर्ट ने आरोपी को 50-50 हजार रुपये के दो निजी मुचलके और इतनी ही धनराशि के दो जमानती पेश करने पर रिहा करने का आदेश दिया है।
अजीतमल थाना क्षेत्र में वर्ष 2008 में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद निवासी पप्पू उर्फ अकरम आरोपी था। नौ जनवरी 2017 को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए गए थे लेकिन 23 जनवरी 2020 के बाद से वह लगातार अदालत से गैर-हाजिर चल रहा था। 16 जून 2026 को उसने अदालत में हाजिर होकर वारंट रिकॉल की अर्जी दी थी, जिसे खारिज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
तथ्यों को सुनने के बाद न्यायाधीश महेश कुमार ने आरोपी की जमानत मंजूर कर ली। अब आरोपी के जेल से रिहा होने का रास्ता साफ हो गया है। (संवाद)