तहसील प्रशासन की अनदेखी के चलते खुली पड़ी पानी की टंकी से गुरुवार को तीन मृत बंदरों को बाहर निकाला गया। तहसील परिसर में फैली सड़ांध के बाद जब चारों तरफ देखा गया तो पानी की टंकी में बंदरों के शव मिले। इस पर पालिका प्रशासन को सूचना देकर मृत बंदरों को बाहर निकालकर यमुना नदी में प्रवाहित कराया गया।
गुरुवार को सदर तहसील परिसर में तहसील दिवस के दौरान वकीलों ने परिसर में सड़ांध फैलने की तहसीलदार से शिकायत की। इस पर तहसीलदार प्रेमनारायण प्रजापति ने कर्मचारियों को इसका पता लगाने के निर्देश दिए। जब परिसर में नीचे कुछ नजर नहीं आया तो मोहल्ले के कुछ लोगों ने पानी की टंकी पर बंदरों के चढ़ने की जानकारी दी।
इस पर कर्मचारियों ने पानी की टंकी में झांक कर देखा। इसमें तीन बंदर मरे पड़े थे। इस संबंध में राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश दुबे ने बताया कि तहसील परिसर में पेयजल की आपूर्ति के लिए 10 हजार लीटर की पानी की टंकी लगवाई गई थी। इसी पानी की टंकी से परिसर में सभी जगह कनेक्शन हैं। ऐसे में तहसील प्रशासन की अनदेखी के कारण लोगों को गंदा पानी पीना पड़ा है।
कई दिनों से इस टंकी का ढक्कन खुला पड़ा है। तहसील परिसर में बंदरों का भी जबरदस्त आतंक है। पानी पीने के चक्कर में बंदर उसमें गिरकर मरे हैं। इस मामले में तहसीलदार प्रेमनारायण प्रजापति ने बताया कि टंकी सूखी पड़ी थी। सभी मृत बंदरों को बाहर निकलवाकर यमुना नदी में प्रवाह करवा दिया गया है। उन्होंने पानी से भरी टंकी में बंदरों के गिरकर मरने की बात से साफ इंकार किया है।