फोटो-7- पुरवा मुले के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर लटका ताला।संवाद
बिधूना। सीएचसी से संबद्ध क्षेत्र के तीन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर लगभग एक साल से बंद पड़े हैं। केंद्रों पर सीएचओ की तैनाती न होने के कारण इनमें ताले लटके हुए हैं।
ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को इलाज के लिए सीएचसी तक दौड़ लगानी पड़ रही है। छुटपुट बीमारी होने पर उन्हें स्थानीय स्तर पर उपचार का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्थानीय सीएचसी के अंतर्गत संचालित 10 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में महू, पुरवा मुले और सिरयावा केंद्रों पर सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर) के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इससे इन केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हैं। इसके चलते आसपास के गांवों के मरीजों को प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य परामर्श के लिए कई किलोमीटर दूर बिधूना व बेला सीएचसी पहुंचना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बंद होने से उन्हें छोटी-छोटी बीमारियों के उपचार के लिए भी अस्पताल जाना पड़ता है। वहीं, सीएचसी पर मरीजों का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। बिधूना सीएचसी पर प्रतिदिन करीब 300 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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महू, पुरवा मुले और सिरयावा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सीएचओ के पद रिक्त होने के कारण केंद्र संचालित नहीं हो पा रहे हैं। रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को लगातार पत्र भेजे जा रहे हैं। शासन स्तर से सीएचओ की नियुक्ति होते ही संबंधित केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करा दी जाएंगी।- डॉ. बीपी शाक्य, सीएचसी अधीक्षक
फोटो-7- पुरवा मुले के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर लटका ताला।संवाद