औरैया। किशोरी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर घर में घुसकर लाठी-डंडों व सरियों से हमला करने के मामले में विशेष न्यायालय ने तीन सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत ने तीनों अभियुक्तों को तीन-तीन साल की सजा और 21 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। मामले में एक आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी घटना के बाद से फरार है। कोर्ट ने फरार आरोपी की फाइल अलग कर दी है।
बिधूना कोतवाली के एक गांव निवासी पिता ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित पिता का आरोप था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी जब भी किसी काम से घर से बाहर निकलती थी, तो गांव के ही सगे भाई चंदन व महेंद्र उसपर फब्तियां कसते और छेड़छाड़ करते थे।
जब पिता ने इस हरकत का विरोध किया और आरोपियों को रोका, तो 19 सितंबर 2017 की शाम महेंद्र, चंदन, गुड्डू उर्फ प्रदीप, पप्पू व आशीष गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडे और सरिया लेकर पीड़ित के घर में घुस आए और पीटना शुरू कर दिया। बीच-बचाव करने आई पत्नी और बेटियों पर भी हमला कर दिया गया। बाद में धमकी देकर आरोपी भाग निकले। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान एक अभियुक्त महेंद्र की मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई, जबकि सह-अभियुक्त आशीष के घटना के बाद से फरार है। शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने साक्ष्यों के आधार पर तीनों भाई चंदन, गुड्डू उर्फ प्रदीप और पप्पू को दोषी पाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियुक्तों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।