यमुना में नहाते समय डूब रहे चचेरे भाई को बचाने में दो सगे भाइयों की भी डूबने से मौत हो गई। तीनों भाई अपनी फुफेरी बहन की शादी में आए थे। इस हादसे से शादी की खुशियां दुख में बदल गईं।
इटावा जिले के थाना सहसों के गांव सिंडोस निवासी राजेश दिवाकर और उनका छोटा भाई बड़ेलाल उर्फ योगराज बीते सालों से बाबरपुर कस्बे के मोहल्ला अशोक नगर में रह रहे हैं। शनिवार को अयाना थाने के गांव असेवा निवासी राजेश के बहनोई लालमन की बेटी की शादी थी। हैंवरा इटावा से बारात आ रही थी। राजेश व योगराज का परिवार शादी में असेवा गया था।
दोपहर करीब तीन बजे योगराज का बड़ा बेटा गोलू उर्फ शिवम (13) व राजेश के दोनों पुत्र ऋतिक (16 ) व राज (17) गांव के पास बह रही यमुना नदी में नहाने चले गए। नहाते समय गोलू उर्फ शिवम डूबने लगा। उसे बचाने के लिए ऋतिक व राज भी यमुना में कूद पड़े। तीनों गहरे पानी में फंसकर डूबने लगे। यह देख बकरियां चरा रहे कुछ लोगों ने दौड़कर ग्रामीणों और परिजनों को सूचना दी। परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंच गए। गोताखोर राधे ने यमुना में छलांग लगाकर तीनों भाइयों को बाहर निकाला।
परिजन आनन फ ानन तीनों को सीएचसी अजीतमल ले गए। वहां डाक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। बाद में एसडीएम राजेंद्र कुमार व सदर विधायक रमेश दिवाकर ने भी आकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
राजेश के घर के दोनों चिराग बुझ गए
यमुना में डूबने से राजेश के दोनों बेटों की मौत हो गई। राजेश के घर के दोनों चिराग इस हादसे में बुझ गए। राजेश और उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। अस्पताल में बच्चों की मां बेहोश भी हो गई। वहीं, चचेरी बहनें बार-बार भाईयों का हाथ पकड़कर उठाने की कोशिश करतीं। शायद मन में भी यही होगा कि अब वह किसकी कलाई में राखी बांधेंगी।
राजेश के दोनों बेटे ऋतिक व राज खुशी-खुशी परिवार के साथ अपनी बुआ की बेटी की शादी में गए थे। दोपहर बाद वह चचेरे भाई गोलू के साथ यमुना नहाने चले गए। गोलू को डूबता देख इन इन दोनों ने भी छलांग लगा दी और उसे बचाने की पूरी कोशिश की, मगर यमुना में समाते चले गए और निकलने का मौका ही नहीं मिला। योगराज की दो लड़कियां व दो बेटे थे। जबकि राजेश के दो बेटे ही थे। राजेश के दोनों बेटे काल के गाल में चले गए। दोनों संतानों की मौत से राजेश व उसकी पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। उधर, चचेरी बहने रुबी व करीमा क भी अपने मृत भाइयों का हाथ पकड़कर उठाती तो कभी भइया-भइया कहकर चिल्लातीं। नजारा देख हर किसी की आंख नम थी।
पल भर में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं
असेवा निवासी लालमन की बेटी की शादी की तैयारियां धूमधाम से चल रहीं थीं। खुशियां का माहौल था। आज बारात आनी थी तो सभी रिश्तेदार घर में ही थे। अचानक हुई घटना ने पल भर में शादी की खुशियां गम में बदल दीं। घर में कोहराम मच गया। घर के सभी लोग चिल्ला रहे थे। जो जैसी हालत में था, मौके की ओर दौड़ पड़ा। मौत की खबर सुनने के बाद सभी स्तब्ध रह गए। शादी की तैयारियां रोक दी गईं। घर के लोग व रिश्तेदार अजीतमल चले गए। वहीं, देर शाम तक बारात भी नहीं आई थी।