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Auraiya News: लघुशंका के विवाद में पीटने के तीन आरोपी दोषमुक्त

Tue, 26 May 2026 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। कोतवाली के पास नौ साल पहले खेत में लघुशंका करने के विवाद में दर्ज कराए गए मामले में कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया है।
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विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की कमजोर कड़ियों के आधार पर तीन आरोपियों तुलाराम कुशवाहा, गजराज और कुंजबिहारी को दोषमुक्त कर दिया है।
मामला 18 मई 2017 की शाम का है। वादी जितेन्द्र कुमार ने आरोप लगाया था कि वह गांव शाला मंदिर में स्थित तुलाराम कुशवाहा के खेत में लघु शंका के लिए गया था। वहां मौजूद तुलाराम और उसके साथियों ने उसे जातिसूचक गालियां दीं और लाठी-डंडों व हंसिए से उस पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए उसके भाइयों महेंद्र, संदीप और मंजीत को भी आरोपियों ने बुरी तरह पीटा।
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पांच दिन बाद सात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी लेकिन विवेचना के दौरान चार आरोपियों के नाम गलत पाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने केवल तुलाराम, गजराज और कुंजबिहारी के खिलाफ ही आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि यह मुकदमा फर्जी है।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि जिस दिन की घटना बताई जा रही है, उससे पहले ही 18 मई 2017 को आरोपी तुलाराम की पुत्री ने वादी जितेन्द्र और उसके भाइयों के खिलाफ अभद्रता करने और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था।
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वादी ने उसी मुकदमे में दबाव बनाने के लिए पांच दिन बाद यानी 23 मई 2017 को यह झूठी कहानी रचकर मुकदमा लिखवाया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश विकास गोस्वामी की अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में विफल रहा। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में तुलाराम कुशवाहा, गजराज और कुंजबिहारी को एससी/एसटी एक्ट के आरोपों से बरी कर दिया।
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