औरैया। हर घर नल से जल पहुंचाने का दावा जिले में दम तोड़ता नजर आ रहा है। भीषण गर्मी में भी गांव प्यासे हैं। हैंडपंप ही प्यास बुझाने के लिए लोगों का सहारा है।
जल जीवन मिशन का हाल इतना खराब है कि कहीं वॉल्व खराब होने के कारण पानी नहीं पहुंच रहा है तो कहीं अधूरी लाइनें और टंकियां मुसीबत बनी हैं। कुछ गांवों में तो मोटर ही फुंकी पड़ी है लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कोई चिंता नहीं है। लोग अपनी समस्या लेकर यहां-वहां भटक रहे लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
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केस एक
कुदरकोट : वॉल्व खराब, प्यासी है आधी आबादी
गांव में बनी पानी की टंकी से करीब 800 घरों में कनेक्शन दिए गए हैं लेकिन बीते लंबे समय से वॉल्व खराब होने के कारण आधी आबादी तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ऊंचे क्षेत्रों में पानी चढ़ाने के लिए नीचे की तरफ के वॉल्व बंद करने पड़ते हैं लेकिन जब वॉल्व ही खराब हैं तो ऐसा करना संभव नहीं है। ग्रामीणों ने कई बार इसके लिए आवाज उठाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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केस दो
बनारपुर : एक हफ्ते से फुंकी मोटर, नल सूखे
गांव बनारपुर में महावीर मंदिर के पास बनी पानी की टंकी से बनारपुर के साथ ही ग्राम पंचायत कोठीपुर के चार गांवों में पानी की आपूर्ति की जाती है। इससे करीब साढ़े तीन हजार की आबादी को पानी मिलता है लेकिन बीते एक हफ्ते से यहां मोटर ही फुंकी पड़ी है। ऐसे में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बनारपुर के ग्राम प्रधान ने बताया कि जल निगम के अवर अभियंता को कई बार फोन किया लेकिन वह फोन ही नहीं उठाते। ऐसे में पेयजल संकट गहराता जा रहा है।
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केस तीन
चंदपुरा : साढ़े तीन साल बाद भी टंकी अधूरी
अछल्दा क्षेत्र के गांव चंदपुरा में सितंबर 2022 में पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। नियमानुसार एक साल में निर्माण कार्य पूर्ण कर हर घर नल से जल पहुंचाने की योजना थी लेकिन करीब साढ़े तीन साल का समय बीतने के बाद काम अधूरा ही है। यहां घरों में नल तो लगा दिए गए लेकिन उनसे जल की आपूर्ति नहीं हो सकी। गर्मी से परेशान ग्रामीण बस इसी उम्मीद में हैं कि शायद उन्हें जल्द पानी की आपूर्ति शुरू हो जाए।
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केस चार
सांफर : पाइप लाइन में लीकेज, लोग प्यासे
विकास खंड अजीतमल के गांव सांफर में बनी पानी की टंकी से आपूर्ति शुरू हो चुकी है। ग्रामीणों की प्यास बुझाने के बजाय इससे उनकी मुसीबत और बढ़ गई है। दअरसल, जगह-जगह पानी की पाइप लाइन लीक हो रही है। इसके कारण घरों में पानी कम पहुंचता है। दूसरी तरफ लीकेज के चलते सड़कों पर दलदल हो रहा है। गलियों में पानी भरा रहता है, इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कई बार कर्मचारियों से इसकी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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सभी जगह पानी की टंकियों पर जल निगम के अधिकारियों के नंबर दर्ज हैं। अगर कहीं कोई गड़बड़ी है तो ग्राम प्रधान, सचिव या ग्रामीण सूचित कर सकता है। वहीं जो कार्य बाकी हैं, उसे पूरा कराया जा रहा है। जहां भी कमियां हैं, वहां जांच कर उन्हें दूर कराया जाएगा।
-अमन यादव, अधिशासी अभियंता ग्रामीण, जल निगम
फोटो-31-गांव चंदपुरा में बनी पानी की टंकी। संवाद