दिबियापुर। पिछले तीन साल से भाजपा जिला संगठन की इकाई में कुछ खास फेरबदल नहीं हुआ, लेकिन इस बार होली के बाद भाजपा जिला संगठन का रंग बदल जाएगा।
वहीं सकि्रय कार्यकर्ताओं की तकदीर बदलने का भी प्रयास किया जाएगा। औपचारिकता निभाने वाले पदाधिकारियों को किनारे भी लगाया जा सकता है।
जिला संगठन के पदों को लेकर सोमवार को गेल स्थित आशियाना पहुंचे भाजपा प्रदेश मंत्री व पर्यवेक्षक अमित वाल्मीकि ने इसे लेकर जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों संग बैठक करते हुए मंथन किया। भाजपा जिला संगठन के कई पदों को पिछले तीन सालों में बदला नहीं जा सका है। जिलाध्यक्ष रहे श्रीराम मिश्रा से लेकर भुवन प्रकाश गुप्ता व वर्तमान में डॉ. सर्वेश कठेरिया का कार्यकाल चल रहा है। चुनिंदा पदों में ही फेरबदल हुआ है।
अब प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिले में इस फेरबदल की तैयारी शुरू कर दी गई है। उधर, पर्यवेक्षक की मंथन बैठक में सकि्रय कार्यकर्ताओं के उत्थान पर विशेष बल दिया गया। संगठन के जिला स्तरीय पदों में बदलाव करने के लिए बाहरी लोगों को भी जगह देने का विचार किया गया। सूत्रों की माने तो जातीय समीकरण को भी इन पदों के जरिये भुनाया जाएगा।
मंथन बैठक के बाद पर्यवेक्षक देवकली मंदिर भी पहुंचे। जहां भोलेनाथ का पदाधिकारियों संग जलाभिषेक किया। भाजपा के जिलाध्यक्ष डॉ. सर्वेश कठेरिया ने बताया कि पर्यवेक्षक की मंथन बैठक में संगठनात्मक विस्तार पर चर्चा की गई है। सकि्रय कार्यकर्ताओं को तरजीह दी जाएगी। होली के बाद नई कार्यकारिणी की घोषणा हो सकती है।
बैठक में राज्यसभा सांसद गीता शाक्य, सदर विधायक गुड़िया कठेरिया, जिला प्रभारी आनंद सिंह, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष भुवन प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष डॉ. सर्वेश कठेरिया मौजूद रहे।
कई कार्यकर्ता हो सकते हैं किनारे
पर्यवेक्षक की मंथन बैठक के अनुसार सकि्रय कार्यकर्ताओं की तकदीर तो बदलेगी। वहीं, औपचारिकता निभा रहे पदाधिकारियों को किनारे भी किया जा सकता है। ऐसे में इस संगठनात्मक फेरबदल को लेकर भाजपा नेताओं के बीच काफी कुछ गहमा-गहमी का माहौल है। सिफारिशों का दौर भी अब शुरू हो गया है।
बंद लिफाफे में सूची पहुंचेगी प्रदेश कार्यालय
सूत्रों से मुताबिक जिला संगठन कमेटी की घोषणा से पूर्व उप्र भाजपा संगठन ने प्रत्येक जिले में पर्यवेक्षक बनाकर भेजे हैं। वह संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी की समीक्षा और प्रस्तावित नई जिला कमेटी के सदस्यों के नाम बंद लिफाफे में ले जाकर प्रदेश नेतृत्व को सौंपेंगे। होली बाद जल्द जिला कार्यकारिणी की घोषणा हो जाने की संभावना है।