बिधूना। कम बारिश होने के बाद भी जैसे तैसे किसानों ने धान की रोपाई की। किसानों को अच्छी बारिश होने से बेहतर उपज की आस थी, पर बारिश किसानों के अरमान पूरे नहीं कर सकी। अब फसल तैयार होने को है तो रजबहों में पानी नहीं है, इससे सिंचाई का संकट है और किसान फसल बर्बादी को लेकर चिंतित है।
तहसील बिधूना क्षेत्र के रतनपुर माइनर से निकले रजबहा में एक वर्ष से पानी नहीं छोड़ा गया है। हालात ये हैं कि रजबहा में घास और झाड़ियां उग आई हैं। पानी न आने से चिरूकुआ, लक्षीराम पुर्वा, सराय प्रथम, मुर्चा बिकूपुर, पटटी पुर्वा, लुधपुरा, कमल सिंह पुर्वा, रूपपुर कटरा, शामपुर आदि गांव के सामने सिंचाई का संकट गहरा गया है। किसानों की खरीफ की फसल खेतों में तैयार हो रही है।
खाद के साथ इस समय धान को सबसे ज्यादा पानी की जरूरत है। रजबहा में पानी न होने से किसान फसल बर्बाद होने को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं और अफसरों की चौखट पर पहुंचकर पानी छोड़े जाने की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं। एसडीएम लवगीत कौर ने बताया कि रजबहा में पानी न आने की जानकारी किसानों से मिली है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से जानकारी कर पानी छोड़ने के लिए कहा जाएगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
बंधा लगाने से नहीं आता पानी
चिरकुआं निवासी किसान चंद्रबाबू शर्मा बताते हैं कि औरैया व इटावा सीमा के बीच शेखूपुर के पास कुछ लोग काफी समय से रजबहा में बंधा लगाए हैं। इससे पानी आगे नहीं आता, इसके कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद भी सालों से पानी नहीं छोड़ा गया। किसान सिंचाई के लिए परेशान घूम रहा है।
खाद डाल चुके, पानी चाहिए
पुर्वा लक्षीराम के किसान राजेश कुमार बताते हैं कि उनकी व परिवार की करीब 100 बीघा धान खेतों में तैयार हो रही है। खाद डाली जा चुकी है और पानी की जरूरत है, पर रजबहे सूखे पड़े हैं, कहीं से सिंचाई का कोई साधन नहीं है। पानी नहीं छोड़ा गया तो फसल बर्बाद हो जाएगी। इसी तरह कई अन्य किसानों की स्थिति है।
किसान चंद्रबाबू शर्मा- फोटो : AURAIYA
राजेश कुमार- फोटो : AURAIYA