औरैया। चिट फंड फाइनेंस कंपनियों में लोगों को अपनी डूबी रकम वापस मिलने की उम्मीद जगी है। सरकार की पहल पर कलक्ट्रेट कार्यालय से पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा कराए जा रहे हैं।
कलक्ट्रेट कार्यालय में बने काउंटर पर शुरुआती दौर में 1000 से अधिक लोगों ने आवेदन जमा करा दिए हैं। जानकारी होने पर दूसरे निवेशकों ने ककोर मुख्यालय का रुख करना शुरू कर दिया है। बताया जताया जा रहा है कि सहारा इंडिया की तरह आम ग्राहकों से रुपये जमा कराने वाली बाकी चिट फंड कंपनियों में डूबी रकम भी वापस दिलाई जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि तय नहीं है, लेकिन जितनी जल्दी लोग फार्म भरकर जमा कर देंगे उतनी जल्दी लोगों को रकम वापसी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सबसे ज्यादा गौर करनी बात है कि जिले में एक बार पहले भी फार्म जमा कराए गए थे। जिनमें 1.84 लाख के करीब चिट फंड कंपनियों के शिकार लोग सामने आए थे।
सहारा के अलावा भी कई कंपनियों ने जिले में मोटे मुनाफे का लालच देकर मेहनत से कमाए गए रुपयों पर सेंध लगाई। बांड के तहत समय पूरा होता इससे पहले कंपनियां भाग गईं।
पूर्व की तरह दोबारा से भराए जा रहे इन फार्मों में सहारा इंडिया के अलावा 24 अन्य कंपनियों की करामात सामने आई हैं। जमाकर्ताओं ने दो से चार गुने होने के चक्कर में 10-10 लाख रुपये से ज्यादा की रकम निवेश की। आलम यह है कि इन कंपनियों के कार्यालय तय अवधि में बांड पूरा होने से पहले ही बंद हो गए। जिले के जमाकर्ता और एजेंट रहे लोग भी लापता हैं।
-एक दशक पहले चिट फंड कंपनियों ने शहर व कस्बों में कार्यालय खोलकर कम समय में ज्यादा ब्याज का लालच देकर रकम जुटाई। भुगतान की समय सीमा पूरी होती. इससे पहले कंपनियां भाग गईं। वर्ष 2019 में जमाकर्ताओं की मांग पर हुई शासन-प्रशासन की पहल पर ऑफलाइन ब्योरा जुटाया गया।
आवेदन के लिए पोर्टल बना दिया गया है। जमाकर्ता को कलक्ट्रेट आने की जरूरत नहीं है। घर या जन सेवा केंद्र पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। कितनी लोगों की रकम डूबी, कितना पैसा लेकर कंपनियां भागी यह जानकारी सभी आवेदन मिल जाने के बाद स्पष्ट होगी।
-महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व