जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन के दौरान मौजूद लेखपाल।
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मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन और विधान सभा का घेराव के बाद भी लेखपालों की मांगें पूरी नहीं हो सकीं। लखनऊ में लाठीचार्ज होने और मांगें पूरी न होने से आक्रोशित लेखपालों ने जिला मुख्यालय पर छह दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने कहा कि यदि शीघ्र शासनादेश जारी न किया गया तो वह आंदोलन को उग्र रूप देंगे।
लेखपाल संघ के बैनर तले छह सूत्री मांगों को लेकर विधान सभा का घेराव करने पहुंचे लेखपालों की सरकार ने मांगे नहीं मानीं। प्रदर्शन के दौरान इन पर लाठियां बरसाई गईं। इससे आक्रोशित लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने सभी जनपदों के मुख्यालयों पर छह दिवसीय धरना प्रदर्शन का ऐलान किया। इसी के तहत लेखपालों ने मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। धरना प्रदर्शन के दौरान जगदेव सिंह यादव ने कहा कि उनकी जायज मांगों को सरकार ने नहीं माना है। वह लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर कराने, लेखपाल का पदनाम उप राजस्व निरीक्षक एवं शैक्षिक योग्यता स्नातक कराने, पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक व कार्यालय के 626 पद राजस्व निरीक्षक के सृजित किए जाने व नियमावली में संशोधन समेत छह मांगें कर रहे हैं। सरकार ने उनकी जायज मांगों को पूरा न कर साबित कर दिया है कि वह जनता और सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों की हितैषी नहीं है।
जिलाध्यक्ष राम स्वरूप शाक्य ने कहा कि छह सितंबर तक मुख्यालय पर तीनों तहसीलों के लेखपाल हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल समाप्त करने से पहले मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपेंगे। हड़ताल समाप्त होने से एक दिन पहले लेखपाल पांच सितंबर को कैंडिल मार्च निकालकर विरोध जताएंगे। छह सितंबर तक शासनादेश जारी नहीं होता है तो लेखपाल संघ प्रांतीय नेताओं के इशारे पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। आंदोलन को उग्र किया जाएगा। साथ ही प्रदेश सरकार के खिलाफ अभियान चलाएगा। धरना प्रदर्शन को प्रदीप जादौन तहसील अध्यक्ष बिधूना, केशव कुमार तहसील अध्यक्ष औरैया, धर्मवीर यादव तहसील अध्यक्ष अजीतमल, सिपाही लाल यादव पूर्व उपाध्यक्ष, नरेश पाठक लेखापाल, राम गोपाल कुशवाह वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सुमित नारायन पाल जिला उपमंत्री आदि ने संबोधित किया।