अजीतमल। पुलिस को फंसाने को लेकर युवक मोनू (40) ने खुद ही अपना गला रेत लिया था। इसका खुलासा सीओ की जांच में हुआ है।
18 अप्रैल की रात दुकानदार को पीटने के मामले में कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची थी। इस दौरान आरोपी ने अपना गला रेतकर पुलिस पर हमला करने के आरोप लगाए थे। घटना के बाद एक और वीडियो सामने आया है।
कस्बा के मोहल्ला फिरोजनगर कोटला निवासी अन्नू सिंह की दुकान पर 18 अप्रैल को दो भाई सोनू व मोनू पहुंचे थे। वहां रंगदारी न देने पर दोनों ने दुकानदार को पीट दिया था। बाद में धमकी देकर भाग गए थे। इसके बाद पत्नी ने पुलिस पर पति मोनू का गला रेतने का आरोप लगाया था।
मामले की सीओ मनोज गंगवार ने जांच की। इस दौरान पुलिस के हाथ कुछ ऐसे वीडियो लगे, जिसमें साफ दिख रहा है कि मोनू घर के अंदर खुद को घायल करने के बाद लहूलुहान हालत में बाहर निकल रहा है। मोनू और उसके परिवार ने पहले ही साजिश तैयार कर ली थी, ताकि पुलिस पर दबाव बनाया जा सके।
पुलिस को मिले एक वीडियो में मोनू मौके पर मौजूद मुख्य आरक्षी महेश गुप्ता पर रॉड से हमला करता दिखाई दे रहा है। पहले भी वह पुलिस व अन्य को फंसाने के लिए अपने आप को जख्मी कर चुका है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में छह मामले दर्ज है।
इसके अलावा सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक विधाराम चौधरी के मकान में मोनू ने ताला तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया था। बाद में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उधर, उपचार के बाद फिलहाल वह अपने घर पर है। पुलिस अब उस पर कार्रवाई करेगी।
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जांच में मिले वीडियो साक्ष्य स्पष्ट करते हैं कि यह पुलिस को फंसाने की एक सोची-समझी साजिश थी। आरोपी पहले भी कई अपराधों में संलिप्त रहा है। एसपी को मामले की जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है।
-मनोज गंगवार, क्षेत्राधिकारी अजीतमल